आईए सबसे पहले जानते हैं कि ये लीज स्कीम कैसे काम करती है। इस स्कीम के तहत सीधे कार निर्माता से गाड़ी ले सकेंगे। वहीं इसमें गाड़ी की रीसेल वेल्यू की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। साथ ही डाउनपेमेंट और ईएमआई चुकाने की भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि इसमें व्हीकल का रजिस्ट्रेशन कानूनी तौर पर कार कंपनी के नाम ही रहता है।
वहीं, अगर हर दो-तीन साल में आपकी जॉब लोकेशन बदल जाती है, और आप किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो जाते हैं, और रोज ऑफिस जाने के लिये व्हीकल की जरूरत पड़ती है, तो आप लीज पर कार ले सकते हैं। लीज प्लान में आपको कार मॉडल, सबस्क्रिप्शन प्लान और माइलेज वगैरहा सलेक्ट करना होगा। इस प्लान में इंश्योरेंस कवर, रेंटल, कार स्विचिंग और मैंटेनेंस शामिल है। लीज पर कारें 12 महीने से लेकर 48 महीने के लिए मिलती हैं। जिसके लिए पहले महीने में पूरे साल का इंश्योरेंस देना पड़ता है। वहीं लीज खत्म होने के बाद आप दूसरा व्हीकल चुन सकते हैं, या फिर लीज प्लान को आगे बढ़ा सकते हैं।
कार रेंट पर लेना तभी ठीक है जब आपको कार लंबे वक्त के लिए नहीं रखनी है। कार रेंट पर लेने से पहले यह कर लें कि कार आपको केवल दो या तीन साल के लिए ही लेनी है। अन्यथा कार रेंट पर लेना आपको मंहगा पड़ सकता है। ऊपर दिये उदाहरण में Hyundai Creta E+ 1.4 CRDi अगर आप 48 महीने की लीज पर लेते हैं, तो आपको हर महीने 42,700 रुपये चुकाने होंगे। इस तरह से आप 48 माह में 13.04 लाख रुपये देते हैं।
वहीं अगर आप इतनी ही अवधि के लिये कार लोन पर लेते हैं, तो इसकी डाउनपेमेंट आपको 3.85 लाख रुपये पड़ेगी। साथ ही, 48 महीने की ईएमआई के तौर पर 15,521 रुपये देने पड़ते हैं। इस तरह से आप कंपनी को 11.31 लाख रुपये दे देते हैं। कार खरीदने का फायदा तभी है जब आप कार को लंबे वक्त के लिये खरीदते हैं। इसलिये कार खरीदने या रेंट पर लेने से पहले गुणा-भाग जरूर कर लें।
कार खरीदना पड़ता है सस्ता या महंगा, Hyundai Creta E+ CRDi का गणित
लीज VS कार खरीदना
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लीज
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36 महीने
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48 महीने
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खरीदना
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36 महीने
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48 महीने
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अपफ्रंट पेमेंट
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42,700 रुपये
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42,700 रुपये
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कार की
एक्स-शोरूम कीमत
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9,99,990 रुपये
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9,99,990 रुपये
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मैंटेनेंस के साथ पहले साल मंथली फीस
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28,100 रुपये
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28,100 रुपये
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डाउनपेमेंट
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3,85,697 रुपये
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3,85,697 रुपये
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12 महीने बाद मंथली फीस
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22,900 रुपये
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22,900 रुपये
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लोन अमाउंट
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6,14,293 रुपये
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6,14,293 रुपये
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औसत जीएसटी प्रति माह
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2,956 रुपये
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2,904 रुपये
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ब्याजदर
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9.80 प्रतिशत
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9.80 प्रतिशत
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इंश्योरेंस रिन्यू
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85,400 रुपये
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1,28,100 रुपये
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ईएमआई
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19,763.88 रुपये
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15,521.12 रुपये
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डाउनपेमेंट और रोड टैक्स पर ब्याज
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-1,19,425 रुपये
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-1,67,847 रुपये
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अदा करने वाली राशि
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7,11,499.68 रुपये
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7,45,013.76 रुपये
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कुल राशि
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10,01,891 रुपये
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13,03,945 रुपये
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कुल राशि (डाउनपेमेंट समेत)
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10,97,196.68 रुपये
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11,30,710.76 रुपये
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अगर किसी कार की ऑन-रोड कीमत तकरीबन 50 लाख रुपये है, तो आपको हर महीने ईएमआई के तौर पर 1.19 लाख रुपये चुकाने पड़ते हैं। इस हिसाब से आप डाउनपेमेंट, इंश्योरेस और मैंटेनेंस मिलाकर तीन साल में तकरीबन 60 लाख रुपये चुका देते हैं। वहीं अगर आप लीज पर कार लेते हैं, तो आपको हर महीने 1.05 लाख रुपये चुकाने पड़ते हैं और तीन साल में आप 37 लाख रुपये चुका देते हैं, साथ ही आपको कार भी वापस करनी पड़ेगी।
कार लीज पर लेने से पहले एक बात जरूर जान लें कि मंथली सबस्क्रिप्शन पर मिलने वाली कारों पर कमर्शियल नंबरप्लेट मिलती है। यानी कि इन पर आपको सफेद बैकग्राउंड पर काले अक्षरों से लिखी नंबर प्लेट नहीं मिलेगी, जो प्राइवेट कारों पर मिलती है। अगर आप रोज दिल्ली से नोएडा या गुरुग्राम जाते हैं, तो आपको स्टेट टैक्स चुकाना पड़ता है।
ज्यादातर लोगों का सपना होता है कि वे अपनी कार को अपनी च्वाइस से मॉडिफाई कराते हैं, तो लीज व्हीकल में यह संभव नहीं है। इसकी वजह है कि ज्यादातर लीज कॉन्ट्रैक्ट्स के चलते कार में स्टीरियो सिस्टम या अपनी मर्जी के स्पीकर्स तक नहीं लगवा पाएंगे। ऐसे में कार खरीदना ही बेहतर ऑप्शन है। जिसमें आप अपनी मर्जी की लाइट्स, सीट फैब्रिक, अलॉय व्हील्स भी लगवा पाएंगे।
वहीं अगर आप अपनी प्राइवेट कार ड्राइवर को देना पसंद नहीं करते हैं, तो लीज पर कार ले सकते हैं। क्योंकि ज्यादातर ड्राइवर रफ ड्राइविंग करते हैं, ऐसे में प्राइवेट कार की मैंटेनेंस काफी महंगी पड़ती है। वहीं अगर आप लीज वाली कार ड्राइवर को देते हैं, तो मैंटेनेंस की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। क्योंकि लीज की कारों में मैंटेनेंस की जिम्मेदारी कंपनी की होती है। कार कंपनियां मैंटेनेंस का खर्च खुद वहन करती हैं। वहीं अगर आप ऑफिस जाने के लिये रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, तो उनके लिए भी लीज पर कार लेना फायदेमंद रहेगा।