जो बाइडन प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) सहित चीनी सामानों पर शुल्क बढ़ाने के कदम से चीन नाराज है। लेकिन चीन के इस गुस्से को साझा करने में उसका प्रमुख सहयोगी रूस भी सामने आ गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में अमेरिका द्वारा चीनी सामानों पर शुल्क बढ़ाने को 'अनुचित प्रतिस्पर्धा' बताया है।
शुल्क बढ़ाने का यह कदम खासकर चीन में बनी ईवी को प्रभावित करता है जो अमेरिकी बाजार में एंट्री कर रही हैं। जिस पर शुल्क 100 प्रतिशत से ज्यादा और सेमीकंडक्टर पर लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। जो इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्माण के साथ-साथ नई तरह के वाहनों में भी इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख कंपोनेंट है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस कदम को व्यावहारिक से ज्यादा राजनीतिक दिखावा बताता है। क्योंकि अमेरिका शायद ही चीन से बनी किसी ईवी का आयात करता है।
चीन ने यह कहते हुए जवाब दिया है कि वह 'दृढ़ कदम' उठाएगा और देश के अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है। लेकिन समर्थन चीन के उत्तरी पड़ोसी से भी मिल रहा है। पुतिन ने चीन के कंधे पर अपना हाथ रख दिया है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, आज दुनिया जिस तरह से काम करती है, कभी-कभी अनुचित प्रतिस्पर्धा से जुड़ी स्थितियां पैदा होती हैं। इसी तरह अमेरिकियों ने हाल ही में इलेक्ट्रिक परिवहन, इलेक्ट्रिक कारों पर चीन पर प्रतिबंध लगाए।" "क्यों? क्योंकि चीनी कारें बेहतर हो गई हैं।"
पुतिन ने यह बयान चीन की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान दिया था। यह दौरा रूस-चीन संबंधों को मजबूत करने के मकसद से है।
चीनी ईवी का उदय
c (बीवाईडी), Cherry (चेरी) और NIO (एनआईओ) जैसी कंपनियों के साथ चीनी ईवी तेजी से वैश्विक बाजारों पर अपना दबदबा बना रही हैं। BYD वैश्विक ईवी शीर्ष स्थान के लिए टेस्ला के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है। लेकिन इसने हाल ही में अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार को 'जटिल' बताया। कंपनी यूरोपीय बाजारों के साथ-साथ एशिया में भी अपने उपस्थिति का विस्तार कर रही है, जिसमें भारत भी शामिल है।
एक खास मॉडल - बीआईडी सीगल - ने अमेरिकी वाहन निर्माताओं के साथ-साथ देश के राजनेताओं की भी नींद उड़ा दी है। चीन में लगभग 12,000 डॉलर में बिकने वाली इस कार को इसकी बनावट और ड्राइविंग के लिए काफी सराहा गया है। एक कम लागत वाला लेकिन विश्वसनीय विकल्प, BYD सीगल कई मायनों में इस बात का प्रतीक है कि अगर चीनी ईवी निर्माता अमेरिकी बाजारों में मजबूत प्रतिस्पर्धा शुरू करते हैं तो वे कितने प्रभावी हो सकते हैं।