क्या सिर्फ कारों पर असर पड़ा है?
यह समस्या केवल ऑटोमोबाइल शिपमेंट तक सीमित नहीं है। चेन्नई पोर्ट से मध्य पूर्व के तेल उत्पादकों को भेजे जाने वाले बैराइट (बेरियम सल्फेट) के निर्यात पर भी असर पड़ा है।
यह खनिज ड्रिलिंग फ्लूड में इस्तेमाल होता है और तेल कुओं में दबाव और स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। जिससे अपस्ट्रीम ऑयल एक्सप्लोरेशन प्रभावित हो सकता है।
पोर्ट पर और क्या स्टॉक फंसा हुआ है?
एक पोर्ट अधिकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश से आया करीब 1.5 लाख टन बैराइट फिलहाल चेन्नई पोर्ट पर निर्यात के इंतजार में पड़ा हुआ है।