दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल के पहले पांच महीनों में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में मामूली कमी देखी गई है। आंकड़ों में बताया गया है कि 15 मई तक कुल 511 दुर्घटनाओं में 518 लोगों की जान चली गई। यह पिछले साल इसी अवधि के दौरान दर्ज किए गए 544 दुर्घटनाओं में 552 मौतों की तुलना में कमी दर्शाता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमने विभिन्न स्थानों की पहचान की है। जैसे कि नेशनल हाईवे-24, नेशनल हाईवे-8, रिंग रोड, रोहतक रोड, जीटी रोड और मथुरा रोड दिल्ली में उन टॉप 10 सड़कों में शामिल हैं जहां इस साल अब तक सबसे ज्यादा घातक दुर्घटनाएं हुई हैं। इस जानकारी के साथ, हम सड़क सुरक्षा बढ़ाने और यातायात नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए लक्षित प्रवर्तन उपायों को लागू कर सकते हैं। जिसका अंतिम लक्ष्य इन सड़कों पर होने वाली मौतों को कम करना है।"
पुलिस ने आगे बताया कि कानून लागू करने के उपायों के अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समुदाय की भागीदारी और सहयोग को प्राथमिकता दी है।
अधिकारी ने कहा, "स्कूलों, कॉलेजों के साथ साझेदारी में कई शैक्षणिक कार्यक्रम और रास्ता रोको जैसे जागरूकता अभियान नियमित रूप से लोगों को सड़क सुरक्षा मानदंडों और सुरक्षित ड्राइविंग प्रथाओं के बारे में सिखाने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।"