फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेनो ट्राइबर टर्बो सीएनजी: बूट में डुअल सिलेंडर-100hp पावर के साथ लॉन्च से पहले हुई स्पॉट, क्या-क्या आया सामने

Tue, 01 Sep 2026 01:19 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेनो इंडिया अपनी लोकप्रिय 7-सीटर एमपीवी ट्राइबर के एक नए और ज्यादा ताकतवर वेरिएंट पर काम कर रही है। हाल ही में टेस्टिंग के दौरान रेनो ट्राइबर के टर्बो-सीएनजी मॉडल को स्पॉट किया गया है। आधिकारिक लॉन्च से पहले सामने आई इस कार में क्या-क्या नया देखने को मिल सकता है और यह किन गाड़ियों को सीधी टक्कर देगी, आइए जानते हैं इस लेख में विस्तार से। 
 
विज्ञापन
रेनो ट्राइबर - फोटो : renault
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रेनो ट्राइबर को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। टेस्टिंग के दौरान ट्राइबर को स्पॉट किया गया है। इससे माना जा रहा है कि रेनो अपनी इस 7-सीटर एमपीवी में जल्द ही ज्यादा पावरफुल टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी वेरिएंट ला सकती है।

विज्ञापन

अगर यह सेटअप प्रोडक्शन मॉडल में आता है, तो ट्राइबर  की सबसे बड़ी कमियों में से एक फुल लोड में कम पावर और परफॉर्मेंस दूर हो सकती है। वहीं सीएनजी से रनिंग कॉस्ट कम रखने का फायदा भी मिल सकता है। नए वेरिएंट के सितंबर 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है।

टेस्टिंग में दिखे टर्बो और सीएजी के संकेत

  • इस हफ्ते टेस्ट वाहन के टेलगेट पर टर्बो बैज और रियर विंडस्क्रीन पर सीएनजी स्टिकर नजर आया है। यह दोनों इशारा करते हैं कि रेनो केवल टर्बो पेट्रोल पर काम नहीं कर रही, बल्कि टर्बो पेट्रोल और सीएनजी के डुअल सेटअप को एक साथ पेश करने की तैयारी कर सकती है।
  • यह उन ग्राहकों के लिए अहम बदलाव होगा, जो ट्राइबर की सात सीटों से प्रभावित हैं, लेकिन इसके मौजूदा इंजन की कम पावर की वजह से इसे खरीदने से बचते रहे हैं।

विज्ञापन

मौजूदा ट्राइबर में क्या है इंजन?

  • फिलहाल बाजार में मौजूद रेनो ट्राइबर में 1.0-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड थ्री-सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलता है। जो करीब 72 hp की पावर और 96 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।
  • सामान्य ड्राइविंग में यह इंजन काम कर लेता है, लेकिन जब ट्राइबर में सातों सीटों पर यात्री बैठे हों, तब इसकी पावर कम महसूस होती है। खासकर चढ़ाई या ओवरटेकिंग के दौरान फुल लोड में परफॉर्मेंस इसकी लंबे समय से चली आ रही कमजोरी रही है।


टर्बो इंजन से कितनी बढ़ सकती है ताकत?

  • टेस्टिंग में दिखे मॉडल में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है। यह वही इंजन हो सकता है जो पहले से रेनो काइगर और निसार मैग्नाइट में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस इंजन का आउटपुट करीब 100 hp की पावर और 160 Nm का टॉर्क है।
  • यानी मौजूदा इंजन के मुकाबले टॉर्क में काफी बड़ा इजाफा होगा। इसका सीधा फायदा फुल केबिन, चढ़ाई और ओवरटेकिंग जैसी परिस्थितियों में देखने को मिल सकता है।
  • हालांकि कई इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे ट्राइबर के अंडरलाइंग आर्किटेक्चर में बदलाव हो सकता है। रेनो ग्रुप के नए एंट्री प्लेटफॉर्म को पुराने CMF-A स्ट्रक्चर की जगह लेने वाला बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि पुराने प्लेटफॉर्म में टर्बो इंजन और सीएनजी हार्डवेयर को एक साथ फिट करने की सीमाएं थीं। नए आर्किटेक्चर के साथ रेनो के लिए टर्बो इंजन और सीएनजी सिस्टम को एक साथ इस्तेमाल करना संभव हो सकता है।


सीएनजी सिलेंडर कहां लगाए जाएंगे?

  • नई ट्राइबर के संभावित सीएनजी सेटअप में फैक्ट्री-फिटेड डुअल-सिलेंडर लेआउट मिलने की उम्मीद है। इन सिलेंडरों को बूट फ्लोर के नीचे लगाया जा सकता है।
  • इस तरह की पैकेजिंग का मकसद सामान रखने की जगह को ज्यादा प्रभावित होने से बचाना है। ट्राइबर में तीसरी रो इस्तेमाल होने पर वैसे भी बूट स्पेस कम हो जाता है। ऐसे में सीएनजी टैंक को बूट के अंदर रखने के बजाय नीचे फिट करना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है। हालांकि, अभी तक संभावित सीएनजी वर्जन की पावर और टॉर्क के सटीक आंकड़े सामने नहीं आए हैं।


डिजाइन और फीचर्स में क्या बदल सकता है?
टेस्टिंग में दिखाई दिया मॉडल मौजूदा ट्राइबर से काफी मिलता-जुलता नजर आया है। यानी टर्बो-सीएनजी वर्जन में बड़े कॉस्मेटिक बदलाव की उम्मीद फिलहाल नहीं है। फीचर्स की बात करें तो मौजूदा कार के कई प्रमुख फीचर्स जारी रह सकते हैं, जिनमें 8-इंच टचस्क्रीन, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, 6 एयरबैग, ईएससी और रेन-सेंसिंग वाइपर्स शामिल हैं।

आखिर टर्बो के साथ सीएनजी क्यों है खास?
आमतौर पर कार खरीदते समय ग्राहकों को परफॉर्मेंस और कम रनिंग कॉस्ट के बीच समझौता करना पड़ता है। टर्बो इंजन ज्यादा पावर और टॉर्क देता है, जबकि सीएनजी कम रनिंग कॉस्ट के लिए पसंद किया जाता है।
अगर रेनो ट्राइबर में दोनों को एक साथ पेश करती है, तो यह इस ट्रेड-ऑफ को काफी हद तक खत्म कर सकता है। यानी ग्राहक को एक तरफ टर्बो इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस मिल सकती है और दूसरी तरफ सीएनजी की कम रनिंग कॉस्ट का फायदा। हालांकि, असली फायदा इसकी कीमत और सीएनजी वर्जन के फाइनल पावर-टॉर्क आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

कितनी हो सकती है कीमत ?
फिलहाल रेनो ट्राइबर की शुरुआती कीमत करीब 5.81 लाख (एक्स-शोरूम) है। नई टर्बो-सीएनजी तकनीक और अतिरिक्त हार्डवेयर के कारण नए वेरिएंट की कीमत मौजूदा रेंज से ज्यादा हो सकती है। लेकिन अगर रेनो इसे प्रतिस्पर्धी कीमत पर पेश करती है, तो यह परिवार और कमर्शियल उपयोग वाले ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

सीवीटी ऑटोमैटिक भी मिल सकता है?
हालांकि इन सबके अलावा सीटीवी ऑटोमैटिक विकल्प की भी चर्चा है। अगर रेनो टर्बो इंजन के साथ पांच स्पीड मैनुअल के अलावा सीवीटी ऑटोमैटिक विकल्प देती है, तो ट्राइबर की एक और लंबे समय से चली आ रही कमी दूर हो सकती है। इससे खासकर शहर में कार चलाने वाले खरीदारों को फायदा मिल सकता है।

किन खरीदारों की बदल सकती है पसंद?

  • अगर आप सात सीटों वाली कार लेना चाह रहे हैं, लेकिन मौजूदा ट्राइबर की पावर कम लगती है। तो यह नई टर्बो-सीएनजी ट्राइबर उन ग्राहकों के लिए खास हो सकती है। इसके अलावा कम रनिंग कॉस्ट चाहने वाले फैमिली और कैब-फ्लीट खरीदारों के लिए भी यह विकल्प आकर्षक हो सकता है।
  • ऐसे खरीदार जो अब तक पावर या सीएनजी ऑप्शन की कमी के कारण किसी दूसरी एमपीवी या कॉम्पैक्ट एसयूवी की तरफ जाने की सोच रहे थे, वे नए वर्जन का इंतजार कर सकते हैं।


कब तक हो सकती है लॉन्च?
टेस्टिंग में टर्बो और सीएनजी के संकेत मिलने के बाद अब रेनो ट्राइबर के नए वर्जन पर नजर बढ़ गई है। इस नए टर्बो-सीएनजी वेरिएंट के सितंबर 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है। हालांकि, कीमत, सीएनजी पावर-टॉर्क, वेरिएंट और फीचर्स की पूरी जानकारी लॉन्च के समय ही सामने आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें