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- फोटो : nanoflowcell
बिना बिजली, हाइड्रोजन, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और सोलर सेल के बिना इस कार को चलाया जाता है। इसे चलाने के लिए समुद्र के खारे पानी की जरूरत पड़ती है। समुद्र के पानी के अलावा इसे वेस्ट वॉटर से भी चलाया जा सकता है। समुद्र के खारे पानी के अलावा इंडस्ट्रियल वेस्ट वॉटर से इसे चलाने के लिए खास नैनो स्ट्रक्चर्ड मॉलिक्यूल्स बाई-ऑयन तकनीक का उपयोग किया जाता है।
यह पानी बायोफ्यूल की तरह काम करता है और यह नॉन टॉक्सिक, नॉन फ्लेमेबल, नॉन हैजार्डस होता है। इसी के जरिए कार में बिजली पैदा होती है, जिससे कार के चारों पहियों में लगी मोटर तक भेजा जाता है और कार को चलाया जाता है।
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