पुणे में वाहनों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। फरवरी तक शहर में 43.5 लाख से ज्यादा वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं। ऐसे में मौजूदा दो-अक्षर वाली सीरीज अब अपनी सीमा के करीब पहुंच रही है। यही वजह है कि पुणे आरटीओ अब तीन-अक्षर वाले वाहन रजिस्ट्रेशन सिस्टम की तैयारी कर रहा है।
किन शहरों में पहले से लागू है ये सिस्टम?
अब तक केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में ही तीन-अक्षर वाली वाहन रजिस्ट्रेशन सीरीज (जैसे MH-12 AAA 1234) का इस्तेमाल होता है। पुणे इसमें शामिल होने वाला अगला शहर होगा।
ZG तक पहुंची सीरीज, अब ZZ का इंतजार
पुणे का वर्तमान MH-12 कोड अपनी दो-अक्षर वाली सीरीज के अंतिम सीरीज पर है। फिलहाल यह जेडजी तक पहुंच चुकी है। जैसे ही यह जेडजेड(ZZ) संयोजन को पार करेगी, आरटीओ के पास नंबरों सीमित हो जाएंगे, जिसे भरने के लिए तीन-अक्षर वाली सीरीज शुरू की जाएगी।
43.5 लाख वाहनों का भारी बोझ
आंकड़ों की बात करें तो, इस साल फरवरी के अंत तक पुणे में 43.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड वाहन थे। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा टू-व्हीलर्स और प्राइवेट कारों का है, जिसकी वजह से हर महीने हजारों नए नंबरों की जरूरत पड़ रही है।
NIC से मांगी गई मंजूरी
पुणे आरटीओ ने इस नई सीरीज को शुरू करने के लिए नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर (NIC) से तकनीकी मंजूरी मांगी है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ ही महीनों में नई नंबर प्लेट्स सड़कों पर दिखने लगेंगी।
कैसे बदलेगी आपकी नंबर प्लेट?
अभी तक नंबर प्लेट का फॉर्मेट कुछ ऐसा होता था: MH 12 AB 1234 नए सिस्टम के बाद यह कुछ ऐसा दिखेगा: MH 12 AAA 1234
आपके लिए क्या बदलेगा?
- नए वाहन खरीदने पर तीन-अक्षर नंबर मिल सकता है।
- उम्मीद है कि पुराने वाहन मालिकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- नंबर प्लेट का फॉर्मेट थोड़ा लंबा हो सकता है।
वाहन नंबर सीरीज बदलने का नियम क्या है?
दो-अक्षर से तीन-अक्षर वाली वाहन सीरीज में बदलाव कोई अचानक से नहीं होता। यह केंद्रीय नियमों और तकनीकी सीमा (capacity limit) के आधार पर होता है। इसे कुछ इस प्रकार से समझें:
- हर आरटीओ में अक्षरों की सीरीज AA, AB से ZZ तक चलती है।
- जब सभी दो-अक्षर कॉम्बिनेशन खत्म होने लगते हैं, तब नई फॉर्मेट की जरूरत पड़ती है। जैसे मान लीजिए पुणे में अभी सीरीज ZG तक पहुंच चुकी है, यानी ZZ करीब है। जब ZZ पूरा हो जाएगा, तो सिस्टम अपने आप अगले लेवल (तीन अक्षर) पर शिफ्ट होता है
केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR)
यह पूरा सिस्टम कंट्रोल मोटर व्हीलकल रूल्स, 1989 के तहत आता है
- ये नियम नंबर प्लेट का फॉर्मेट तय करते हैं।
- राज्य सरकार या आरटीओ उसी फ्रेमवर्क में बदलाव लागू करते हैं।
- हालांकि तीन-अक्षर सीरीज की अनुमति पहले से ही नियमों में मौजूद है।
तकनीकी मंजूरी
नई सीरीज लागू करने के लिए आरटीओ को National Informatics Centre से अनुमति लेनी होती है, जैसा की पुणे की आरटीओ की ओर से एनआईसी से मंजूरी मांगी गई है, क्योंकि पूरा रजिस्ट्रेशन सिस्टम डिजिटल (VAHAN database) पर चलता है।
वाहन संख्या के आधार पर निर्णय
जब किसी शहर में वाहन तेजी से बढ़ते हैं और मौजूदा सीरीज जल्दी खत्म होने लगती है, तब आरटीओ पहले से तैयारी शुरू कर देता है।
पुराने वाहनों पर नियम
यहां पर ध्यान देने वाली बात है कि पुराने नंबर जैसे हैं वैसे ही रहते हैं, इनमें किसी को जबरन नया नंबर नहीं दिया जाता। बदलाव सिर्फ नए रजिस्ट्रेशन पर लागू होता है।