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Car: वर्गीकरण विवादों को खत्म करने के लिए ऑटोमोबाइल पर प्रस्तावित GST दर में कटौती, हैचबैक पर लगेगा सिर्फ 18%!

Mon, 18 Aug 2025 05:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में ऑटोमोबाइल पर टैक्स संरचना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार जीएसटी की दरों को फिर से तय करने की तैयारी में है, जिससे गाड़ियों की टैक्स वर्गीकरण (क्लासिफिकेशन) को लेकर चल रहे विवाद खत्म हो जाएंगे।
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कार शोरूम - फोटो : AI
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विस्तार
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भारत में ऑटोमोबाइल पर टैक्स संरचना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार जीएसटी की दरों को फिर से तय करने की तैयारी में है, जिससे गाड़ियों की टैक्स वर्गीकरण (क्लासिफिकेशन) को लेकर चल रहे विवाद खत्म हो जाएंगे। अभी तक इंजन की क्षमता और गाड़ी के साइज के आधार पर टैक्स तय होता है। लेकिन नए सिस्टम से यह झंझट खत्म हो जाएगा। ऑटोमोबाइल वर्तमान में जीएसटी व्यवस्था के सबसे ऊंचे कर दायरे में हैं, और इस कदम से सरकार का लक्ष्य आम लोगों को लाभ पहुंचाना है।
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अभी कितना टैक्स लगता है
फिलहाल भारत में ऑटोमोबाइल्स पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जो सबसे ऊंचे टैक्स स्लैब में आता है। इसके ऊपर अलग-अलग गाड़ियों पर 1 प्रतिशत से लेकर 22 प्रतिशत तक का कम्पनसेशन सेस भी लगाया जाता है। इस वजह से कार खरीदना और महंगा पड़ता है। इंजन और साइज के हिसाब से देखें तो छोटी पेट्रोल कार पर टैक्स करीब 29 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। जबकि एसयूवी पर यह बोझ लगभग 50 प्रतिशत तक हो सकता है। वहीं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर फिलहाल सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स है।

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नए सिस्टम में क्या होगा
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार जीएसटी स्ट्रक्चर को दो मुख्य स्लैब- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत में बदलने पर विचार कर रही है। चुनिंदा उत्पादों पर 40 प्रतिशत टैक्स का भी प्रस्ताव है। ऐसे में ऑटोमोबाइल्स को 18 प्रतिशत वाले स्लैब में डालने की योजना है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अभी 28 प्रतिशत जीएसटी भरने वाली गाड़ियों पर टैक्स घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा।

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इस कदम से कारें सस्ती होंगी और उनकी बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। खासकर हैचबैक और छोटी कारें, जो भारतीय कार बाजार की रीढ़ मानी जाती हैं, पर इसका सबसे बड़ा असर दिखेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स घटने से मांग और खपत बढ़ेगी। जो इस जीएसटी सुधार का मुख्य मकसद भी है।

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कब होगा फैसला
केंद्र का यह प्रस्ताव, जिसमें 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले जीएसटी स्लैब हटाने की बात है, 21 अगस्त को जीओएम (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसके बाद सितंबर में जीएसटी काउंसिल की बैठक होगी, जिसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री मिलकर नए टैक्स स्ट्रक्चर पर अंतिम मुहर लगाएंगे।  

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