लंबे समय बाद एक बार फिर ऑटो कंपनियों ने अपने कारखाने खोलने शुरू कर दिये हैं। ह्यूंदै मोटर इंडिया ने कहा कि उसके चेन्नई कारखाने का परिचालन फिर से शुरू हो गया है। कंपनी ने कहा कि काम शुरू करने के पहले दिन ही प्लांट में 200 कारों का उत्पादन किया गया है। बता दें कि देशभर में वायरस के चलते जारी लॉकडाउन के कारण सभी ऑटो कंपनियों ने अपने कारखाने और डीलरशिप को बंद कर दिया था।
ह्यूंदै मोटर इंडिया कंपनी ने एक बयान में कहा कि कंपनी के निर्माण प्लांट में सुरक्षा और सोशल डिस्टेंसिंग दिशानिर्देशों का 100 प्रतिशत पालन किया जा रहा है। वहीं आगे कहा कि ऑटो कंपनियां बुरे दौर से गुजर रही हैं हम वायरस की वजह से संकट में आई अर्थव्यवस्था को उबारने का प्रयास कर रहे हैं। निर्माण शरू होने से कंपनी आर्थिक गतिविधियों में योगदान दे पाएगी।
देशभर में जारी लॉकडाउन के तीसरे चरण में उद्योगों को दी गई सशर्त छूट का लाभ उठाते हुए विभिन्न वाहन कंपनियों ने अपने डीलर शोरूम और संयंत्र दोबारा चालू किए हैं। साथ ही कई वाहन कलपुर्जा कंपनियों ने भी अपना कारखानों में उत्पादन शुरू किया है। होंडा मोटरसाइकिल, डैमलर इंडिया, बीएमडब्ल्यू जैसी वाहन कंपियों और स्वराज इंजन, फैडरल मोगल, गोएल्जे इंडिया वाहन कलपुर्जा कंपनियों ने स्थानीय प्रशासन से अनिवार्य अनुमतियां मिलने के बाद बृहस्पतिवार को अपने डीलर शोरूम/ संयंत्र खुलने की सूचना दी। वहीं इससे पहले बुधवार को मारुति सुजुकी इंडिया, ह्यूंदै मोटर, मर्सिडीज-बेंज, रॉयल एनफील्ड, इसुजू मोटर्स और टीवीएस मोटर इत्यादि ने भी अपना परिचालन दोबारा शुरू करने की जानकारी दी थी।
वहीं कोरोना संकट से सबक लेते हुए ह्यूंदै इंडिया ने नए ग्राहकों के लिए एक विशेष योजना पेश की है। भावी ग्राहकों को यह आश्वासन देने के लिए कि नौकरी चले जाने के संभावित खतरों से उनकी खरीद प्रभावित नहीं होगी। कंपनी ने बुधवार को इसकी घोषणा की और कहा कि मई के चालू महीने में की गई खरीद के लिए यह कार्यक्रम पेश कर रही है। ह्यूंदै का कहना है कि चुनिंदा नए ग्राहकों के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो कार लोन के तीन ईएमआई तक को कवर करती है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस कार्यक्रम के तहत उन ग्राहकों को लाभ मिलेगा जो अनिश्चितताओं की परिस्थिति में जैसे कि कंपनी के खराब वित्तीय स्वास्थ्य / अधिग्रहण / विलय के मद्देनजर रोजगार हानि या किसी अन्य कानूनों के लागू होने कारण उनकी नौकरी चली जाए तो। इस कार्यक्रम के तहत कार की बिक्री की तारीख से तीन महीनों के बाद एक साल की अवधि तक ग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा। यानी कुल मिलाकर 15 महीनों तक ग्राहक इस कार्यक्रम के तहत सुरक्षित रहेंगे।