Car Pooja Kia Seltos
- फोटो : Team-BHP
अगर आप कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो लॉकडाउन के बाद कार खरीदने के लिए बिल्कुल मुफीद वक्त होगा। अप्रैल में जीरो बिक्री से परेशान ऑटोमोबाइल कंपनियां ग्राहकों को लुभाने की तैयारी कर रही हैं, ताकि लुभावने ऑफर्स का लालच देकर उन्हें किसी तरह से ‘शोरूम’ तक लाया जा सके। वहीं कंपनियां उनकी ज्यादा ईएमआई की हिचक को भी समझ रही हैं।
ताकि नहीं आए फिर से ‘अप्रैल’
कंपनियों को अप्रैल का महीने गले से नीचे नहीं उतर रहा है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब ऑटोमोबाइल कंपनियों ने लॉकडाउन के चलते पिछले अप्रैल महीने में एक भी कार नहीं बेची। वहीं अब कंपनियां ‘अप्रैल’ को फिर से दोहराना नहीं चाहती हैं। लॉकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई कंपनियां आगे आने वाले महीनों में करना चाहती हैं, ऑफर्स और डिस्काउंट के जरिए इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कैसे दें सैलरी
कंपनियों की छटपटाहट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रीन जोन खुलते ही मारुति के तकरीबन 600 डीलरों ने अपने शोरूम खोल दिए, जबकि देशभर में ह्यूंदै के 250 शोरूम्स ने कामकाज फिर से शुरू कर दिया है, उम्मीद है बाकी भी जल्द ही खोलेंगे। डीलर्स को चिंता स्टाफ की सैलरी देने की है। मार्च की सैलरी तो किसी तरह से दे दी, लेकिन अप्रैल की सैलरी देने में पसीने छूट रहे हैं और ऊपर से शोरूम और गोदाम के किराये की मार भी अलग से पड़ रही है।
ग्राहक भी दे रहे झटका
वहीं ग्राहकों ने भी कंपनियों को झटका देना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन से पहले ग्राहकों ने जो महंगी कॉम्पैक्ट एसयूवी एडवांस बुकिंग कराई थीं, उन्हें कैंसिल कराना शुरु कर दिया है। डीलरों के साथ कंपनियों के लिए भी उबरने से पहले झटके जैसा है। ग्राहकों को नौकरी के जाने का डर है, जिसके चलते वे ज्यादा ईएमआई का बोझ नहीं उठाना चाहते। कंपनियां भी ग्राहकों की इस दुविधा को समझ रही हैं। ह्यूंदै, मारुति और टाटा समेत बाकी ऑटो कंपनियां इसी रणनीति पर काम कर रही हैं।
ह्यूंदै लाई खास ऑफर
जीरो बिक्री से उबरने की कोशिश करते हुए ह्यूंदै मोटर इंडिया ने खास स्कीम ह्यूंदै ईएमआई एश्योरेंस प्रोग्राम किया है, जिसमें अगर ग्राहक की नौकरी चली जाती है, तो कंपनी तीन महीने की ईएमआई चुकाएगी। हालांकि यह स्कीम केवल नई कारों पर लागू होगी और इसके लाभार्थी निजी क्षेत्र के कर्मचारी होंगे। वहीं यह स्कीम क्रेटा, टूसों, कोना ईवी और एलांट्रा पर लागू नहीं होगी। कंपनी के सेल्स मार्केटिंग और सर्विस के हेड तरुण गर्ग का कहना है कि इससे निजी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को अनिश्चितता से उबरने में मदद मिलेगी और ह्यूंदै की कारें खरीदने में लोगों का भरेसा बढ़ेगा। कंपनी ने इस प्रोग्राम को श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ मिल कर तैयार किया है।
वहीं कंपनी अपनी कारों पर एक लाख रुपये तक के बेनिफिट्स दे रही है, जो एंट्री लेवल हैचबैक कार सैंट्रो से लेकार प्रीमियम सेडान कार एलांट्रा पर लागू हैं।
मारुति समझ रही है ग्राहकों की चिंता
मार्केट लीडर और देश की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी भी ग्राहकों पर ईएमआई के बोझ की पीड़ा को समंझ रही है। कंपनी ने बैंकों से बात करनी शुरू कर दी है। मारुति के सूत्रों का कहना है कि मध्य वर्गीय परिवारों में नौकरी जाने के बाद सबसे ज्यादा पीड़ा ईएमआई यानी इक्वैटेड मंथली इंस्टॉलमेंट की होती है। कंपनी की कोशिश है कि ग्राहकों को लंबी अवधि के लिए कम ब्याज दरों और न्यूनतम डाउनपैमेंट की सुविधा दी जाए।
टाटा मोटर्स दे रही 100 फीसदी ऑन रोड फाइनेंस
इसके अलावा टाटा मोटर्स भी कई इंसेंटिव प्लान लाने की तैयारी कर रही है। इनमें से कई ऑफर्स सीमित अवधि के लिए हैं। इन ऑफर्स में सभी कार और एसयूवी की रेंज पर 100 फीसदी ऑनरोड फाइनेंस के साथ 8 साल तक की अविधि के लिए लंबी अवधि के लिए फाइनेंस स्कीम जैसे ऑफर शामिल हैं। इसका फायदा यह होगा कि ग्राहक के ऊपर ईएमआई का बोझ कम पड़ेगा। इसके अलावा कंपनी कस्टमाइज्ड ईएमआई की सुविधा दे भी दे रही है, जिसमें ग्राहक बीच में कुछ कैश जमा करवा कर ईमआई का बोझ हल्का कर सकता है। वहीं कंपनी कोविड वॉरियर्स डॉक्टर्स, हेल्थ केयर्स प्रोफेशनल्स और पुलिस कर्मियों के लिए स्पेशल ऑफर्स देगी।
बीएस4 वाहनों का स्टॉक भी दे रहा है टेंशन
ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों की कोशिश है कि किसी भी तरह से पहले ग्राहक को डिस्काउंट्स और ऑफर्स के जरिए शोरूम तक लाया जाए। कंपनियों के पास अभी भी बीएस4 वाहनों का स्टॉक है, जिसे दस दिनों के भीतर निपटाना है। यही चिंता कंपनियों का खाए जा रही है और भारी-भरकम ऑफर्स देने के लिए मजबूर कर रही है। फाडा के आकड़ों के मुताबिक पूरे देशभर में अभी भी डीलर्स के पास 15 हजार बीएस4 गाड़ियों का स्टॉक है और साथ में अब बीएस6 गाड़ियों का स्टॉक भी जमा हो गया है। सूत्रों के अनुसार कुल मिलाकर तकरीबन 3 लाख गाड़ियों का स्टॉक है।
मात्र एक रुपये में बुकिंग
विशेक्षज्ञों के मुताबिक कंपनियों के पास इस समय पैसेंजर्स कारों का 30 से 35 दिनों का स्टॉक है, जबकि दोपहिया वाहनों का स्टॉक 15 से 20 दिनों का है। यहां तक कि कुछ कंपनियां मात्र एक रुपये में कार की बुकिग कर रही हैं। टोयोटा किर्लोस्कर और स्कॉडा ऑटो जीरो डाउन पेमेंट की स्कीम ऑफ कर रही है, जो प्री-क्वॉलिफाइड 5000 कस्टमर्स के लिए है। इसमें कार की पूरी कीमत फाइनेंस की जाएगी और चार से छह महीने बाद ईएमआई चुकाने की सुविधा होगा। वहीं टोयोटा क्रेडिट स्कोर के आधार पर जीरो डाउनपेमेंट की सुविधा दे रही है।
त्योहारी ऑफर्स से है अलग
विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन में मिल रहे डिस्काउंट और त्योहारी सीजन में मिलने वाली डिस्काउंट में अंतर है। त्योहारी सीजन में मिलने वाले डिस्काउंट में कंपनी केवल बिक्री को बढ़ाने के लिए ऑफर्स का सहारा लेती हैं। लेकिन यहां मामला पूरी तरह से उलट है। यहां जीरो से शुरू करना है और स्टॉक बचा हुआ है। वह कहते हैं कि 100 से 200 तक पहुंचाना आसाना होता है लेकिन 0 से 100 तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
कम बिकने वाले मॉडल्स पर ज्यादा छूट
वहीं जैपनीज ऑटो मेकर होंडा कार्स इंडिया अपनी गाड़ियों पर एक लाख रुपपये तक की छूट दे रही है, इनमें होडा सिटी के कुछ वैरिएंट्स भी शामिल हैं, जबकि होंडा अमेज पर 32 हजार रिपये तक की छूट है, जिसमें कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और एक्सटेंडेड वारंटी जैसे दूसरे ऑफर्स भी शामिल हैं। पार्टनर ऑटोमोटिव के सोम कपूर कहते हैं कि कम बिकने वाले मॉडल्स पर ज्यादा डिस्काउंट देखने को मिल सकता है, वहीं डिमांड में बने वाले वाहनों पर कैश डिस्काउंट तो नहीं होगा, लेकिन कॉम्प्लिमेंटरी ऑफर्स और वैल्यू एडड सर्विसेज का फायदा मिलेगा।