प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हफ्ते अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। ट्रंप के दूसरी बार व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद, यह उनकी पहली मुलाकात होगी। इस मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिनमें रक्षा, ऊर्जा सहयोग, अवैध प्रवासियों की समस्या और H1-B वीजा शामिल हैं। लेकिन व्यापार और टैरिफ (आयात-निर्यात कर) सबसे ज्यादा चर्चा में रह सकते हैं। इसी बीच, दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भी इस बातचीत पर नजर बनाए हुए है।
Tesla Model Y
- फोटो : Tesla
भारत में टेस्ला की एंट्री में क्या है दिक्कत?
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क लंबे समय से भारत में कंपनी की एंट्री करवाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने भारत में लगने वाले ऊंचे टैक्स को सबसे बड़ी रुकावट बताया है। पिछले साल मार्च में, भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लगने वाले आयात कर को 70 प्रतिशत- 100 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। लेकिन इसकी शर्त थी कि कंपनियों को तीन साल के भीतर भारत में अपना प्लांट लगाना होगा।
यह नियम टेस्ला के लिए भारत आने का एक बड़ा मौका हो सकता था, लेकिन कंपनी ने अपने प्लान को फिर टाल दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या मोदी-ट्रंप की मुलाकात के बाद टेस्ला के भारत आने का रास्ता खुल सकता है?
Tesla Model Y
- फोटो : Tesla
ट्रंप का अमेरिकी व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही यह साफ कर दिया था कि वे अमेरिका में बनी चीजों को ही बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने हाल ही में स्टील और एल्युमिनियम के आयात पर 25 प्रतिशत टैक्स लगा दिया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को अपने देश में ही उत्पादन बढ़ाना होगा, ताकि देश मजबूत हो सके।
इस फैसले से दुनियाभर में व्यापार युद्ध (ट्रेड वॉर) को लेकर चिंता बढ़ गई है। ट्रंप अमेरिकी ऑटोमोबाइल उद्योग को समर्थन दे रहे हैं और उनका मानना है कि कई देश अमेरिकी उत्पादों पर अधिक कर लगाते हैं, जिससे व्यापार में असमानता आती है।
भारत पहले ही कुछ अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम कर चुका है, जिसमें हार्ले-डेविडसन बाइक भी शामिल है। अब सवाल उठता है कि क्या भारत इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर भी आयात कर में और कटौती करेगा? यह जानने के लिए टेस्ला जरूर उत्सुक होगी।
Maruti E Vitara
- फोटो : Maruti Suzuki
कौन किसे आकर्षित कर रहा है – भारत या टेस्ला?
अगर गाड़ियों की बिक्री की बात करें तो, चीन और अमेरिका के बाद, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। लेकिन इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मामले में अभी यह बाजार काफी नया है। इस साल ह्यूंदै ने अपनी क्रेटा ईवी और मारुति सुजुकी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा लॉन्च की है। टाटा मोटर्स भी अपनी हैरियर ईवी ला सकती है। इसके अलावा, लग्जरी कार कंपनियां भी अपनी बैटरी से चलने वाली कारों की संख्या बढ़ा रही हैं।
Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
अगर टेस्ला भारत में आती है, तो उसकी सबसे सस्ती कार मॉडल 3 होगी, जिसकी अमेरिका में कीमत लगभग 44,000 डॉलर (करीब 38 लाख रुपये) है। भले ही भारत में आयात कर कम हो जाए, फिर भी यह कार प्रीमियम सेगमेंट में ही आएगी। और आम भारतीय ग्राहकों के लिए महंगी साबित हो सकती है। इसलिए, शुरुआती वर्षों में टेस्ला की बिक्री बहुत अधिक नहीं होगी।
BYD Sealion 7
- फोटो : BYD
टेस्ला को भारत की जरूरत है या भारत को टेस्ला की?
टेस्ला ने जर्मनी और जापान की पारंपरिक ऑटो कंपनियों से काफी आगे निकलने में कामयाबी हासिल की है। लेकिन इसकी सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी चीन की कंपनी BYD (बीवाईडी) बनती जा रही है। BYD ने यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है और यह चीन में पहले से ही बहुत बड़ा नाम है।
BYD eMAX 7 Electric MPV
- फोटो : BYD
BYD पहले ही भारत में मौजूद है और उसके मॉडल जैसे Atto 3, Seal और eMax7 बिक रहे हैं। इसके अलावा, वह Seagull 7 को भी जल्द ही लॉन्च करने वाली है। इन कारों की कीमत 25 लाख रुपये से ऊपर है। लेकिन कंपनी के पास छोटे और किफायती मॉडल भी हैं, जिन्हें वह भविष्य में भारत ला सकती है।
Tesla Cybercab
- फोटो : Tesla
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी बनने की इस होड़ में हर बड़ा बाजार अहम है। टेस्ला भारत के ग्राहकों को आकर्षित करना चाहेगी। ठीक उसी तरह जैसे भारत टेस्ला को निवेश के लिए आमंत्रित करना चाहेगा।