फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tesla: टेस्ला के भारत आने की योजना पर पीएम ने कहा- पैसा कोई भी निवेश करे, लेकिन निर्माण भारतीयों द्वारा हो

Mon, 15 Apr 2024 06:29 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि वैश्विक स्तर से निवेश का स्वागत है। लेकिन उत्पादों में देश की मिट्टी की खुशबू होनी चाहिए और उसके निर्माण में देश के नागरिकों को लगाया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार के मौके मिल सकें।
विज्ञापन
एलन मस्क, नरेंद्र मोदी - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि वैश्विक स्तर से निवेश का स्वागत है। लेकिन उत्पादों में देश की मिट्टी की खुशबू होनी चाहिए और उसके निर्माण में देश के नागरिकों को लगाया जाना चाहिए।
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव से पहले एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में, पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जो कोई भी भारत में निवेश करना चाहता है, वह कर सकता है। लेकिन इसका निर्माण भारतीयों द्वारा ही किया जाना चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार के मौके मिल सकें।

पीएम मोदी ने एलन मस्क की टेस्ला और स्टारलिंक की भारत में संभावित एंट्री पर एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं चाहता हूं कि भारत में निवेश आए क्योंकि भारत में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसने पैसा लगाया है, (लेकिन) काम में लगाया गया पसीना हमारे अपने लोगों का होना चाहिए। उत्पाद में हमारी मिट्टी की खुशबू होनी चाहिए, ताकि देश में हमारे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें," ।
विज्ञापन


इंटरव्यू के दौरान, प्रधानमंत्री से पूछा गया कि एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे मोदी के प्रशंसक हैं।

इस पर पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि मस्क भारत के समर्थक हैं।

उन्होंने कहा, "देखिए, पहली बात यह कहना कि एलन मस्क मोदी के समर्थक हैं, एक बात है, मूल रूप से, वह भारत के समर्थक हैं। और मैं अभी उनसे मिला हूं। ऐसा नहीं है।"
Trending Videos

Elon Musk and PM Modi - फोटो : X/@PMOIndia
पीएम मोदी ने 2015 में मस्क की फैक्ट्री की अपनी यात्रा को भी याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मस्क ने अपनी पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और उनसे मुलाकात की।

पीएम मोदी ने कहा, "उन्होंने मुझे अपने कारखाने में सब कुछ दिखाया। और मैंने उनसे उनका नजरिया समझा। मैं अभी (2023 में अमेरिका गया था) और उनसे फिर से मिला। और अब वह भारत आने वाले हैं।"

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क इस महीने के आखिर में अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। हाल ही में सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने ट्वीट कर इसका खुलासा किया था। यह व्यापक रूप से उम्मीद की जा रही है कि मस्क भारत में बड़ी निवेश योजना का खुलासा कर सकते हैं। हालांकि, भारत यात्रा के लिए मस्क के अंतिम कार्यक्रम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

इस महीने की शुरुआत में मस्क ने कहा था कि भारत को, हर दूसरे देश की तरह, इलेक्ट्रिक कार होनी चाहिए और उनकी कंपनी के लिए भारत में टेस्ला इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराना एक स्वाभाविक प्रगति होगी।

Elon Musk Tesla Car - फोटो : Social Media
मस्क ने नॉर्गेस बैंक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकोलाई टैंगेन के साथ एक्स स्पेसेज सत्र में कहा था, "जनसंख्या के आधार पर भारत अब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारत में हर दूसरे देश की तरह ही इलेक्ट्रिक कार होनी चाहिए। भारत में टेस्ला इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराना एक स्वाभाविक प्रगति है।"

एएनआई के साथ अपने साक्षात्कार में, पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने दुनिया के सामने प्रतिबद्धता जताई है कि देश इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और कंपनियों को यहां आकर निवेश करना चाहिए।

भारत के ईवी क्षेत्र में बढ़ोतरी को रेखांकित करते हुए, पीएम मोदी ने बताया कि कैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2014-15 में सिर्फ 2,000 से बढ़कर 2023-24 में 12 लाख हो गई।

"2,000 यूनिट नहीं, बल्कि 2023-24 में 12 लाख यूनिट बिके। इसका मतलब है कि ऐसे बड़े चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क बनाया गया है। इससे पर्यावरण को मदद मिली है और हमने इस बारे में नीतियां बनाई हैं। 
उन्होंने कहा, "हमने दुनिया को बताया है कि भारत ईवी पर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर आप मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) करना चाहते हैं, तो आपको आना चाहिए।"

Electric Car - फोटो : iStock
ईवी बिक्री में इस उछाल को पीएलआई जैसी सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं, ईवी चार्जिंग पॉइंट सहित बुनियादी ढांचे के विकास, उपभोक्ता रुचि में इजाफा और हरित लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार के दबाव जैसे कारकों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

सिर्फ ईवी ही नहीं, पीएम मोदी ने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे गूगल, एपल और सैमसंग जैसी वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वर्जुअली हर क्षेत्र में मौजूद है और देश चाहता है कि लोग उसके साथ टेक्नोलॉजी का ट्रांसफर करें। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि लोग टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करें।"

अपनी सरकार की प्रमुख 'मेक इन इंडिया' पहल के बारे में उन्होंने मजबूती से बात रही। उन्होंने कहा कि वह इस बात से सहमत नहीं हैं कि भारत के गेहूं का निर्यात किया जाना चाहिए और बाद में अपने उपभोग के लिए इससे बने उत्पाद ब्रेड को विदेशों से खरीदा जाना चाहिए।

"हम चाहते हैं कि लोग पूंजी निवेश करें। हम चाहते हैं कि हमारे देश के युवाओं को रोजगार मिले। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि मेरे देश का गेहूं निर्यात किया जाए और हम विदेश से ब्रेड खरीदें। मैं ऐसा नहीं करूंगा। मैं चाहे कुछ भी कर लूं। मैं इसे अपने देश में करूंगा। मैं इसे अपने देश के फायदे के लिए करूंगा। और मैं इसके लिए नीतियां भी बनाता हूं और लोग मुझ पर भरोसा कर रहे हैं।''

ऐसा प्रतीत होता है कि टेस्ला प्रमुख की भारत यात्रा भारत की नई ईवी नीति के मद्देनजर तेजी से की गई है, जहां भारत में मैन्युफेक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए कई तरह के इंसेंटिव (प्रोत्साहन) प्रस्तावित हैं। 
विज्ञापन

Automobile Factory - फोटो : iStock
नई ईवी नीति में न्यूनतम निवेश सीमा 4150 करोड़ रुपये (500 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रखी गई है। और निर्माताओं को घरेलू मूल्य संवर्धन (डीवीए) के महत्वपूर्ण स्तर हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। सरकार का आदेश है कि मैन्युफेक्चरिंग यूनिट लगाने के तीसरे वर्ष तक, वाहनों को बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कम से कम 25 प्रतिशत हिस्से घरेलू स्तर पर उपलब्ध होने चाहिए। संचालन के पांचवें वर्ष तक यह स्थानीयकरण स्तर 50 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।

नई ईवी नीति के तहत, 35,000 अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक मूल्य के वाहनों के लिए, यदि निर्माता तीन साल के भीतर भारत में विनिर्माण सुविधाएं बनाता है, तो पांच साल के लिए 15 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया जाएगा।

नीति के तहत आयात के लिए अनुमत ईवी की कुल संख्या किए गए निवेश के आधार पर सीमित होगी, या अधिकतम मूल्य 6484 करोड़ रुपये, जो भी कम हो। यदि निवेश 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है, तो अधिकतम 40,000 ईवी का आयात किया जा सकता है, प्रति वर्ष 8,000 से ज्यादा नहीं। अप्रयुक्त आयात सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है।

यह बताया गया कि टेस्ला ने भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। और अत्याधुनिक मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एक उपयुक्त जगह की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है।

महाराष्ट्र और गुजरात की सरकारों ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण संयंत्र की स्थापना के लिए टेस्ला को आकर्षक भूमि की पेशकश की है। जो भारत के इलेक्ट्रिक गतिशीलता परिदृश्य में एक बड़ी प्रगति का संकेत है। रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्य भी टेस्ला को लुभाने की दौड़ में शामिल हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें