क्या अन्य देशों में ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं?
इसके साथ ही, अन्य देशों में हो रहे घटनाक्रम ऐसे संकटों के दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हैं। कई देशों में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं:
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श्रीलंका: स्कूल और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में छुट्टी
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बांग्लादेश: ऑनलाइन क्लासेस और तय बिजली कटौती
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पाकिस्तान और फिलीपींस: सरकारी कर्मचारियों के लिए 4-दिन का वर्क वीक
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वियतनाम: रिमोट वर्क को बढ़ावा
इन कदमों से साफ है कि ऊर्जा बचत को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
क्या भारत में भी ऐसा कोई खतरा है?
हालांकि, विशेषज्ञ यह मानते हैं कि फिलहाल भारत में लॉकडाउन जैसी स्थिति की संभावना नहीं है। फिर भी सप्लाई में रुकावट और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में, हर लीटर ईंधन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना, रोजाना कार चलाने वालों के लिए एक व्यावहारिक प्राथमिकता बन जाता है। यहां ड्राइविंग की कुछ ऐसी मुख्य आदतें बताई गई हैं, जो ऐसे अनिश्चित समय में ईंधन की बचत बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
क्या ड्राइविंग स्टाइल बदलने से माइलेज बढ़ सकता है?
हां, ड्राइविंग का तरीका माइलेज पर सीधा असर डालता है।
अचानक एक्सीलेरेशन, बार-बार ब्रेक लगाना और तेज लेन बदलना ईंधन की खपत बढ़ाते हैं।
इसके बजाय स्मूद ड्राइविंग, जैसे धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाना और ट्रैफिक को समझकर चलना, ईंधन बचाने में मदद करता है।
क्या स्थिर स्पीड बनाए रखना जरूरी है?
बिल्कुल, बार-बार स्पीड बदलने से इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है।
हाईवे पर एक समान रफ्तार बनाए रखना और शहर में ट्रैफिक को पहले से समझकर चलना माइलेज बेहतर करता है।
क्या इंजन चालू रखना नुकसानदायक है?
हां, लंबे समय तक गाड़ी को बिना चलाए इंजन चालू रखना (आइडलिंग) ईंधन की बर्बादी करता है।
लंबे सिग्नल या इंतजार के दौरान इंजन बंद करना एक आसान आदत है जो ईंधन बचा सकती है।
क्या वाहन की सही देखभाल से फर्क पड़ता है?
बिल्कुल, अच्छी तरह मेंटेन की गई गाड़ी ज्यादा बेहतर माइलेज देती है।
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सही टायर प्रेशर
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साफ एयर फिल्टर
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समय पर इंजन ऑयल बदलना
ये सभी चीजें ईंधन की खपत कम करने में मदद करती हैं।
क्या वजन और ट्रिप प्लानिंग भी मायने रखती है?
हां, गाड़ी में ज्यादा वजन होने से इंजन पर दबाव बढ़ता है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है।
इसके अलावा:
इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है।
अच्छी ड्राइविंग आदत अपनाएं
भले ही वैश्विक हालात ईंधन की कीमतों और उपलब्धता को प्रभावित करें। लेकिन सही ड्राइविंग आदतें अपनाकर आप अपने खर्च को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।
थोड़े से बदलाव से न सिर्फ माइलेज बढ़ेगा, बल्कि आपकी जेब पर भी कम असर पड़ेगा।