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PM E-DRIVE Scheme: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना होगा महंगा या मिलेगी राहत? सरकार के इस कदम पर टिकी हैं निगाहें

Wed, 25 Mar 2026 11:08 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PM E-DRIVE Scheme: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार को बरकरार रखने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठा सकती है। PM E-DRIVE योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता, जो वर्तमान में मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है, उसे आगे बढ़ाने के लिए वित्त मंत्रालय से मंजूरी मांगी गई है। 
 
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Electric Vehicle - फोटो : Freepik
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विस्तार
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भारी उद्योग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक दोपहिया (e2w) और तिपहिया (e3w) वाहनों के लिए सब्सिडी जारी रखने की मांग की है। हालांकि पीमए ई-ड्राइव योजना को मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है, लेकिन छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रियायती दरें अभी भी 31 मार्च 2026 तक ही सीमित हैं। अब ये फैसला पूरी तरह से वित्त मंत्रालय पर निर्भर करता है।
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क्या है पूरा मामला?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया के 1,772 करोड़ के कुल बजट में से 1,259.91 करोड़ खर्च हो चुके हैं। वहीं, तिपहिया की बात करें तो 907 रुपये करोड़ के आवंटन में से 737.35 करोड़ रुपये का उपयोग हो चुका है।

योजना की समयसीमा का पेच
पीएम ई-ड्राइव योजना की शुरुआत 29 सितंबर 2024 को 10,900 करोड़ रुपये के कुल प्रावधान के साथ हुई थी। हाल ही में इसे मार्च 2028 तक विस्तार तो दिया गया, लेकिन इसका मुख्य फोकस ई-ट्रक और ई-बस जैसे भारी वाहनों पर है। इसलिए आम आदमी के इस्तेमाल के लिए स्कूटर और ऑटो के लिए सब्सिडी की समयसीमा बढ़ाने के लिए नई मंजूरी अनिवार्य है।
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कितने वाहनों की बिक्री हुई?
योजना के तहत अब तक 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बेचे जा चुके हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य 14 लाख वाहनों था। यानी अभी भी टारगेट पूरा नहीं हुआ है। जिसे देखते हुए ऑटो विशेषज्ञ का मानना है कि लक्ष्य पूरा करने और बाजार में गिरावट को रोकने के लिए सब्सिडी का बने रहना जरूरी है।

क्या सब्सिडी चालू रहेगी?
सब्सिडी को लेकर फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, क्योंकि इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तय है और इसे आगे बढ़ाने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस की मंजूरी जरूरी होगी। अगर ये मंजूरी नहीं मिलती है, तो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना महंगा हो सकता है। इससे आम उपभोक्ता पर सीधा असर पड़ेगा। 

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योजना में काई बदलाव भी होगा?
  • इन आकंड़ो को देखते हुए कहा जा सकता है कि योजना के ढ़ाचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पीएम ई-ड्राइव स्कीम की शुरुआत 29 सितंबर 2024 से हुई थी, तब इसके लिए 10,900 करोड़ रुपये बजट आवंटित हुए थे। जिसके बाद इसे मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है, लेकिन इलेक्ट्रिक दोपहिया (e2W) और तिपहिया (e3W) वाहनों के लिए सब्सिडी फिलहाल 2026 तक ही सीमित है, जिसे आगे जारी रखने के लिए अलग से मंजूरी लेनी होगी।
  • इसके साथ ही सरकार का फोकस अब इलेक्ट्रिक बसों, इलेक्ट्रिक ट्रकों और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर शिफ्ट हो रहा है, क्योंकि इन सेक्टर्स में तकनीकी और संचालन से जुड़ी चुनौतियां अधिक हैं और इन्हें विकसित करना जरूरी माना जा रहा है।
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