क्या नई कार खरीदने वालों को E20 पेट्रोल से डरने की जरूरत है?
अगर आप शोरूम से बिल्कुल नई कार खरीद रहे हैं, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस बारे में कुछ अहम बातें हैं जिसका ख्याल रखना है:
- अप्रैल 2023 के बाद के मॉडल पूर्ण सुरक्षित: सरकारी दिशानिर्देशों के तहत वाहन निर्माताओं के लिए अप्रैल 2023 से बनने वाली सभी पेट्रोल गाड़ियों को E20 के अनुकूल बनाना अनिवार्य कर दिया गया था। कुछ कंपनियों ने तो इससे भी पहले ही अपनी गाड़ियों को E20 रेडी कर दिया था। फिर भी, खरीदारी से पहले डीलर से पुष्टि करना या कार का ओनर मैनुअल देखना फायदेमंद रहता है।
- वॉरंटी और इंश्योरेंस क्लेम सुरक्षित: सरकारी और वाहन निर्माताओं के बयानों के अनुसार, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों की स्टैंडर्ड वॉरंटी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और न ही इंश्योरेंस क्लेम खारिज होंगे।
- माइलेज में मामूली गिरावट: परीक्षणों के आंकड़ों से पता चला है कि E20 ईंधन के कारण कार के मॉडल और इंजन ट्यूनिंग के आधार पर वास्तविक माइलेज में लगभग 4 प्रतिशत से लेकर 12-13 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा सकती है। इसका मतलब है कि कार कंपनियां ARAI सर्टिफाइड माइलेज का जो दावा करती हैं, E20 पर गाड़ी चलाने पर आपको उससे थोड़ा कम माइलेज ही मिलेगा।
सेकंड हैंड कार खरीदने वालों के लिए क्या जोखिम और सावधानियां हैं?
पुरानी पेट्रोल कारों के मामले में खरीदारों को थोड़ा अतिरिक्त ध्यान रखने और बजट तैयार करने की जरूरत है:
- पार्ट्स का जल्दी घिसना: अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियां खासतौर पर E20 के हिसाब से डिजाइन नहीं की गई थीं। सरकारी जांच में पाया गया है कि हालांकि E20 से इंजन फेलियर या बड़े पैमाने पर जंग लगने जैसी गंभीर समस्या नहीं देखी गई है। लेकिन फ्यूल-सिस्टम के कुछ प्लास्टिक व रबर पार्ट्स (जैसे होज, सील और गैस्केट) सामान्य से जल्दी घिस सकते हैं।
- नियमित मेंटेनेंस और सर्विस हिस्ट्री: अगर आप पुरानी कार खरीद रहे हैं, तो गाड़ी की फ्यूल-सिस्टम सर्विस हिस्ट्री की जांच करें। विशेष रूप से 20,000 किलोमीटर से अधिक चली गाड़ियों में पाइपों, सील और गैस्केट की नियमित जांच के लिए मेंटेनेंस बजट बनाकर चलें।
कुल मिलाकर कहा जाए तो E20 पेट्रोल आपके कार खरीदने के फैसले को नहीं बदलता है। लेकिन यह आपके माइलेज के अनुमान और पुरानी गाड़ियों के फ्यूल-सिस्टम मेंटेनेंस बजट को जरूर प्रभावित करता है।