E20 ईंधन के खिलाफ विपक्ष ने क्या कदम उठाए हैं?
E20 पेट्रोल के रोलआउट के खिलाफ सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी भी विरोध प्रदर्शन कर रही है:
- प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च: हाल ही में दिल्ली पुलिस ने आप नेता अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करने से रोक दिया। ये नेता E20 पेट्रोल के खिलाफ जनता के हस्ताक्षरित 2.3 लाख से अधिक याचिकाएं सौंपने जा रहे थे।
- बिना मिलावट वाले पेट्रोल का विकल्प: पार्टी ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को ई20 ईंधन के साथ-साथ बिना इथेनॉल मिलावट वाले सामान्य पेट्रोल को चुनने का भी स्पष्ट विकल्प दिया जाना चाहिए।
- कम कीमत की मांग: पार्टी का तर्क है कि इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण गाड़ी का माइलेज गिर जाता है। इसलिए E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम तय की जानी चाहिए।
विपक्ष के आरोपों पर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का क्या रुख है?
केंद्र सरकार और सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है:
- गुणवत्ता मानकों के अनुकूल: सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल निर्धारित ईंधन-गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है और नियमित परीक्षण के जरिए इसकी गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है।
- माइलेज में मामूली कमी की बात स्वीकारी: सरकार ने माना है कि जो वाहन कम इथेनॉल मिश्रण (जैसे E5 या E10) के हिसाब से डिजाइन किए गए थे, उनके माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है। लेकिन बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
- SIAM का स्पष्टीकरण: ऑटोमोबाइल निर्माताओं के संगठन 'सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स' (SIAM) ने E20 ईंधन की गुणवत्ता से जुड़ा अपना एक पिछला बयान वापस ले लिया है। SIAM ने कहा कि मीडिया में दिए गए कुछ आंकड़ों के प्रमाणीकरण की आवश्यकता थी। और ईंधन गुणवत्ता पर चर्चा वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों और टेस्टिंग एजेंसियों के बीच एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है।