Bharat Connect पर 10 लाख से ज्यादा लोगों ने किया ट्रांजैक्शन
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Traffic Challan Online Payment: नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, NPCI भारत बिलपे लिमिटेड (NBBL) ने बुधवार को एक बड़ा एलान किया। कंपनी के अनुसार, उनके भारत कनेक्ट प्लेटफॉर्म के अंतर्गत आने वाली ई-चालान कैटेगरी ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। इसमें सामने आया है कि इस इंटरऑपरेबल और सुलभ प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 10 लाख से ज्यादा ट्रैफिक चालान के ट्रांजेक्शन प्रोसेस किए जा चुके हैं, जिनकी कुल वैल्यू 600 मिलियन रुपये (60 करोड़ रुपये) से अधिक हो चुकी है।
किन राज्यों में लाइव है यह सुविधा?
भारत कनेक्ट के जरिए ई-चालान देखने और भुगतान करने की यह सुविधा फिलहाल देश के पांच प्रमुख राज्यों में लाइव है। इनमें ये राज्य शामिल है..
- आंध्र प्रदेश: इस सुविधा को अपनाने में यह राज्य सबसे आगे है। यहां लॉन्च के बाद से अब तक सबसे ज्यादा यानी 7 लाख से अधिक ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए हैं।
- तेलंगाना और गुजरात: आंध्र प्रदेश के बाद इस डिजिटल व्यवस्था को अपनाने में इन दोनों राज्यों का नंबर आता है।
- दिल्ली और हिमाचल प्रदेश: ये दोनों राज्य हाल ही में इस नेटवर्क का हिस्सा बने हैं और यहाँ भी लोग तेजी से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
NBBL की CEO ने क्या कहा?
इन आंकड़ों को देखते हुए एमबीबीएल की एमडी और सीईओ नुपुर चतुर्वेदी ने कहा कि भारत कनेक्ट पर ई-चालान सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है और 10 लाख ट्रांजेक्शन का आंकड़ा पार करना इस बात का बड़ा संकेत है कि लोग डिजिटल-फर्स्ट सेवाओं को तेजी से अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी देशभर में सिविक पेमेंट सेवाओं को और ज्यादा आसान और सुलभ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
पूरे देश में फैलेगा नेटवर्क
- कंपनी का मानना है कि ई-चालान कैटेगरी की यह सफलता देश में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक कदम है। यह राज्य-स्तरीय ट्रैफिक प्रवर्तन को सीधे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के साथ जोड़ रही है।
- गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में मिली इस बड़ी कामयाबी ने एक ऐसा स्केलेबल और मजबूत फ्रेमवर्क तैयार कर दिया है, जिसे देखकर भविष्य में अन्य राज्य और परिवहन प्राधिकरण (Transport Authorities) भी आसानी से अपने नागरिकों के लिए इस नेटवर्क से जुड़कर सेवाएं शुरू कर सकेंगे। NBBL ने पुष्टि की है कि आने वाले समय में इस ई-चालान नेटवर्क का और अधिक विस्तार किया जा सकता।