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Ola: ओला के संस्थापक बोले- मैपमाईइंडिया के दावों में कोई विश्वसनीयता नहीं; कानूनी नोटिस का नहीं दिया कोई जवाब

Fri, 23 Aug 2024 06:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ola (ओला) के सह-संस्थापक भाविश अग्रवाल ने MapmyIndia (मैपमाईइंडिया) की नकल करने के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैप कंपनी ओला इलेक्ट्रिक की लिस्टिंग का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
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Bhavish Aggarwal, Ola Electric founder and CMD - फोटो : PTI
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विस्तार
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Ola (ओला) के सह-संस्थापक भाविश अग्रवाल ने MapmyIndia (मैपमाईइंडिया) की नकल करने के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैप कंपनी ओला इलेक्ट्रिक की लिस्टिंग का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। ओला ब्रांड मालिक ANI टेक्नोलॉजीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने पीटीआई को बताया कि कंपनी ने मैपमाईइंडिया को कानूनी नोटिस भेजा है। लेकिन उनसे अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
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अग्रवाल ने कहा, "खाली बर्तन ज्यादा आवाज करते हैं। ये लोग अचानक एक दिन जाग गए। ओला इलेक्ट्रिक तो मैप के कारोबार में भी नहीं है। ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ के समय वे सिर्फ इसका फायदा उठाना चाहते थे। हमने उन्हें कानूनी नोटिस भी दिया है, लेकिन उनका जवाब आज तक नहीं आया है।"

ओला इलेक्ट्रिक 9 अगस्त को बाजारों में सूचीबद्ध हो गया। कंपनी ने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव से 5,500 करोड़ रुपये जुटाए।

मैपमाईइंडिया ने उन्हें 23 जुलाई को नोटिस भेजा था - ओला इलेक्ट्रिक द्वारा रेड-हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किए जाने से तीन दिन पहले। 

यह भी पढ़ें - Ola Maps: मैपमाइइंडिया के CEO बोले- ओला मैप एक नौटंकी है, लोग रातों-रात बनने वाले उत्पादों से रहें सावधान

घरेलू डिजिटल नेविगेशन फर्म मैपमाईइंडिया ने ओला की पैरेंट कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजीज के भारत का नेविगेशनल मैप विकसित करने के दावों पर सवाल उठाए हैं। और इस घोषणा को "नौटंकी" बताया है।

जब मैपमाईइंडिया से उनके कानूनी नोटिस की स्थिति जानने के लिए संपर्क किया गया, तो कंपनी ने 12 अगस्त की अपनी अर्निंग कॉल का एक ट्रांसक्रिप्ट साझा किया। जिसमें इसके सीईओ और ईडी रोहन वर्मा ने एएनआई टेक्नोलॉजीज को भेजे गए कानूनी नोटिस पर अपडेट साझा किया।

वर्मा ने कहा, "2015 में ओला एएनआई टेक्नोलॉजीज को लाइसेंस मिला और हमारे मैप डेटा तक पहुंच मिली, जिसका उन्होंने उपयोग जारी रखा। 2021 में ओला इलेक्ट्रिक ने अपने वाहनों में नेविगेशन के लिए हमारे एपीआई (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) और एसडीके (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) को लाइसेंस दिया और हमारा उपयोग जारी रखा। चूंकि हमने नियमों और शर्तों के कुछ उल्लंघन देखे हैं, इसलिए हमने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।"

कंपनी ने ओला द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस पर कोई अपडेट साझा नहीं किया। 

अग्रवाल ने कहा कि वह मैपमाईइंडिया से अपने दावे का सबूत मांगेंगे।

उन्होंने कहा, "आइए इससे लड़ें। हम बहुत स्पष्ट हैं। हमने अपनी मैपिंग तकनीक का निर्माण किया है। हमने एक कंपनी का अधिग्रहण किया। हमारे पास मैपिंग पर बहुत सारा डेटा है क्योंकि हम इतने लंबे समय से राइड-शेयरिंग व्यवसाय चला रहे हैं। अब हमारे पास अपना खुद का टेक है। हमारी मैपिंग का उपयोग कई ग्राहकों द्वारा किया जा रहा है। इससे उन्हें नुकसान हो सकता है, इसलिए वे शोर मचा रहे हैं।"

ओला इलेक्ट्रिक आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, एएनआई टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी जियोस्पॉक जियोस्पेशियल सर्विसेज ओला मैप्स की मालिक है।

अग्रवाल ने कहा कि मैपमाईइंडिया के कई ग्राहक ओला मैप्स पर स्विच सकते हैं, क्योंकि यह एक बेहतर उत्पाद है।
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उन्होंने कहा, "तो मैं वास्तव में चाहूंगा कि आप उनसे पूछें, "आगे क्या होगा? आपने इतना शोर मचाया। क्या आप इस पर आगे बढ़ना चाहते हैं या इसे यहीं खत्म करना चाहते हैं? वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उनके दावों में कोई विश्वसनीयता नहीं है।"

अर्निंग कॉल में मैपमाईइंडिया ने नए प्रवेशकर्ता से अपने मैप कारोबार पर किसी भी खतरे को कम करके आंका है। 

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