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E20 Petrol: हरदीप सिंह पुरी ने कहा- ज्यादा लक्ष्य तय करने से पहले इथेनॉल मिश्रण योजना की होगी समीक्षा

Wed, 17 Sep 2025 04:24 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की "समीक्षा" करेगी और उसके बाद ही आगे के बड़े लक्ष्य तय किए जाएंगे।
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हरदीप सिंह पुरी (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की "समीक्षा" करेगी और उसके बाद ही आगे के बड़े लक्ष्य तय किए जाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वाहन मालिक लगातार शिकायत कर रहे हैं कि E20 ईंधन से गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं, माइलेज घट रहा है और पेट्रोल की कीमतों में भी कोई कमी नहीं आई है। हालांकि सरकार का दावा है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाना पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, लेकिन वाहन चालकों की राय अलग है।
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फिलहाल E20 से आगे बढ़ने की योजना नहीं
पुरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा, "हमारा लक्ष्य 20 प्रतिशत मिश्रण का था, जो 2030 तक हासिल करना था। लेकिन हमने यह 6 साल पहले ही पूरा कर लिया है। अब यहीं रुककर हम आकलन करेंगे कि आगे कहां जाना है। आप लोग जो बातें सुन रहे हैं कि हम अब और बड़ा छलांग लगाने वाले हैं, वो फिलहाल सच नहीं है।"

उन्होंने यह भी कहा कि, "बायोफ्यूल्स को लेकर जो बातें हो रही हैं कि ये इंजनों के लिए हानिकारक हैं, उसमें काफी 'बीएस' है। सच कहूं तो ज्यादातर बातें बढ़ा-चढ़ाकर कही जा रही हैं।"

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E27 योजना फिलहाल टली
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 27 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है और इसके लिए BIS को मानक तय करने का निर्देश भी दिया गया है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि यह योजना फिलहाल टल गई है।

सरकार ने देशभर के सभी फ्यूल पंपों पर E20 पेट्रोल अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद वाहन मालिकों ने शिकायत की है कि यह फ्यूल इंजनों को नुकसान पहुंचा रहा है और इंजन जल्दी घिसने लगते हैं। खासतौर पर पुराने वाहनों में माइलेज 15-20 प्रतिशत तक कम हो रहा है। जबकि सरकार का कहना है कि असल में यह कमी सिर्फ 1-2 प्रतिशत ही है।

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कीमतें क्यों नहीं घटीं
वाहन मालिकों के बीच यह सवाल भी है कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बावजूद कीमतें क्यों नहीं घटीं। पिछले तीन वर्षों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन को लेकर भी सवाल उठे हैं क्योंकि यह पानी-प्रधान फसलों जैसे गन्ना और मक्का पर निर्भर करता है। हालांकि सरकार का कहना है कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का यह कार्यक्रम उत्सर्जन घटाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा है।

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तेल आयात पर निर्भरता घटाने के लिए जरूरी है बायोफ्यूल
पुरी ने बताया कि 2014 में पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा सिर्फ 1.4 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने आशंका जताई कि पुराने वाहनों में रबर पार्ट्स और गैसकेट बदलने की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन इसे उन्होंने "सरल प्रक्रिया" बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी तेल जरूरतों का 88 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में बायोफ्यूल और स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल समय की मांग है ताकि देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम हो सके। 

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