यह फैसला क्यों लिया गया?
यह कदम खास तौर पर प्रदूषण और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध के बाद यह आशंका बढ़ गई थी कि ऐसे वाहन ओडिशा में आकर दोबारा रजिस्टर हो सकते हैं।
क्या पहले भी इस पर निर्णय लिया गया था?
राज्य परिवहन प्राधिकरण ने 19 जुलाई 2023 की बैठक में इस तरह के प्रतिबंध पर सहमति जताई थी।
हालांकि, कुछ आरटीओ स्तर पर इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद अब नया निर्देश जारी किया गया है।
RTO को क्या निर्देश दिए गए हैं?
राज्य के सभी आरटीओ और एआरटीओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
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ऐसे वाहनों का एड्रेस चेंज (पते में बदलाव) न किया जाए
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ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) की अनुमति न दी जाए
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कोई टैक्स कलेक्शन न किया जाए
क्या इससे सड़क सुरक्षा और प्रदूषण पर असर पड़ेगा?
सरकार का मानना है कि इस कदम से:
क्या पुराने वाहनों को पूरी तरह हटाया जा रहा है?
राज्य सरकार 15 साल से पुराने वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना पर काम कर रही है।
ओडिशा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा नीति-2022 के तहत फिटनेस टेस्ट में फेल होने वाले वाहनों को स्क्रैप किया जा रहा है।
क्या अब तक कितने वाहन हटाए गए हैं?
हजारों पुराने वाहनों को पहले ही स्क्रैप किया जा चुका है।
अधिकारियों के अनुसार, और भी ऐसे वाहनों की पहचान की जा रही है, जिन्हें अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर हटाया जाएगा।
क्या यह कदम भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है?
यह फैसला ओडिशा में साफ, सुरक्षित और बेहतर परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि सड़कों पर सुरक्षित और फिट वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी।