समय के साथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कई तरह के इंवेशन किए जा रहे हैं। टू-व्हीलर इंडस्ट्री भी बदलाव के दौर से गुजर रही है। देश की अधिकतर आबादी परिवहन के लिए बाइक और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करती है, इसलिए इस सेगमेंट में भी बदलाव की जरूरत है। पहले बाइक्स कार्ब्युरेटर वाले इंजन के साथ आती थीं, अब इसकी जगह फ्यूल इंजेक्टेड इंजन ने ले ली है।
तकनीकी सुधार के इस दौर में अब बाइक्स को और बेहतर बनाने के लिए OBD2 इलेक्ट्राॅनिक सिस्टम के लैस कर दिया गया है। आजकल की सभी नई बाइक्स इस सिस्टम के साथ आ रही हैं. आइए जानते हैं क्या है OBD2 सिस्टम और इसके बिना बाइक क्यों नहीं चल सकती।
OBD2 ने बाइक को बना दिया एडवांस
बता दें कि देश में अप्रैल 2023 से सभी दोपहिया वाहनों में OBD (On-Board Diagnostics) सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। इसे भारत स्टेज यानी BS6 के दूसरे चरण (BS6 Phase2) में लाया गया है इसलिए इसे OBD2 कहा जाता है।
दोपहिया वाहनों में मिलने वाले OBD के अपने कई फायदे हैं. इस सिस्टम से लैस बाइक रियल टाइम ड्राइविंग एमिशन बता सकती है। पहले जहां बाइक की एमिशन को जांचने के लिए लैब में टेस्ट किया जाता था, वहीं अब OBD से लैस बाइक केवल एक स्कैनर की मदद से अपना एमिशन लेवल बता सकती है। इसके अलावा, अब बाइक में किसी गड़बड़ी को जांचना भी आसान हो गया है।
OBD स्कैनर के लगाते ही बाइक अपने आप बता देती है कि उसके किस हिस्से में गड़बड़ी आ रही है और उसे कैसे ठीक किया जा सकता है। OBD सिस्मट का पूरा मैकेनिज्म आपकी बाइक में दिया होता है। यदि आपने अप्रैल 2023 के बाद बाइक खरीदी है तो वह OBD से लैस हो सकती है।
OBD से कंपनियों को भी है फायदा
दोपहिया वाहनों में OBD सिस्टम के आने से कंपनियों का भी काम आसान हो गया है। OBD से जुटाए गए डेटा से वाहन कंपनियां आसानी से पता कर सकती हैं कि वाहन के किस हिस्से में खराबी आ रही है। इससे वाहन के नए माॅडलों में उस गडबड़ी को पहले से ही ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा, एमिशन लेवल की रियल टाइम जांच से पता चल सलता है कि बाइक की टेक्नोलाॅजी एमिशन को नियंत्रित करने में कितनी कारगर है।
समय के साथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कई तरह के इंवेशन किए जा रहे हैं। टू-व्हीलर इंडस्ट्री भी बदलाव के दौर से गुजर रही है। देश की अधिकतर आबादी परिवहन के लिए बाइक और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करती है, इसलिए इस सेगमेंट में भी बदलाव की जरूरत है। पहले बाइक्स कार्ब्युरेटर वाले इंजन के साथ आती थीं, अब इसकी जगह फ्यूल इंजेक्टेड इंजन ने ले ली है।
तकनीकी सुधार के इस दौर में अब बाइक्स को और बेहतर बनाने के लिए OBD2 इलेक्ट्राॅनिक सिस्टम के लैस कर दिया गया है। आजकल की सभी नई बाइक्स इस सिस्टम के साथ आ रही हैं. आइए जानते हैं क्या है OBD2 सिस्टम और इसके बिना बाइक क्यों नहीं चल सकती।
OBD2 ने बाइक को बना दिया एडवांस
बता दें कि देश में अप्रैल 2023 से सभी दोपहिया वाहनों में OBD (On-Board Diagnostics) सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। इसे भारत स्टेज यानी BS6 के दूसरे चरण (BS6 Phase2) में लाया गया है इसलिए इसे OBD2 कहा जाता है।
दोपहिया वाहनों में मिलने वाले OBD के अपने कई फायदे हैं. इस सिस्टम से लैस बाइक रियल टाइम ड्राइविंग एमिशन बता सकती है। पहले जहां बाइक की एमिशन को जांचने के लिए लैब में टेस्ट किया जाता था, वहीं अब OBD से लैस बाइक केवल एक स्कैनर की मदद से अपना एमिशन लेवल बता सकती है। इसके अलावा, अब बाइक में किसी गड़बड़ी को जांचना भी आसान हो गया है।
OBD स्कैनर के लगाते ही बाइक अपने आप बता देती है कि उसके किस हिस्से में गड़बड़ी आ रही है और उसे कैसे ठीक किया जा सकता है। OBD सिस्मट का पूरा मैकेनिज्म आपकी बाइक में दिया होता है। यदि आपने अप्रैल 2023 के बाद बाइक खरीदी है तो वह OBD से लैस हो सकती है।
OBD से कंपनियों को भी है फायदा
दोपहिया वाहनों में OBD सिस्टम के आने से कंपनियों का भी काम आसान हो गया है। OBD से जुटाए गए डेटा से वाहन कंपनियां आसानी से पता कर सकती हैं कि वाहन के किस हिस्से में खराबी आ रही है। इससे वाहन के नए माॅडलों में उस गडबड़ी को पहले से ही ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा, एमिशन लेवल की रियल टाइम जांच से पता चल सलता है कि बाइक की टेक्नोलाॅजी एमिशन को नियंत्रित करने में कितनी कारगर है।