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Two-Wheeler Tips: बीच रास्ते में ब्रेकडाउन से बचने के लिए अपनाएं ये गोल्डन रूल्स, मैकेनिक के चक्कर होंगे खत्म

Sat, 21 Feb 2026 05:54 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How to prevent scooter breakdown: रास्ते के बीचों-बीच अचानक बाइक का बंद होना या स्कूटर का जवाब दे जाना किसी काफी दुखद होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 90% ब्रेकडाउन छोटी-छोटी अनदेखी की वजह से होते हैं? अगर आप चाहते हैं कि आपका दोपहिया वाहन सालों-साल नए जैसा चले और कभी आपको बीच रास्ते में धोखा न दे, तो ये कुछ गोल्डन रूल्स आपके बहुत काम आएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बाइक व स्कूटर में  ब्रेकडाउन के पीछे गड़बड़ टायर प्रेशर से लेकर गंदे स्पार्क प्लग तक अक्सर बहुत मामूली वजहें होती हैं। अगर आप अक्सर लंबी राइड पर निकलते हैं या रोजाना दफ्तर जाते हैं, तो ये जरूरी मेंटेनेंस हैक्स आपके बहुत काम आने वाले हैं। जानिए कैसे आप बिना ज्यादा समय और पैसा खर्च किए अपनी बाइक को शोरूम जैसी नई कंडीशन में रख सकते हैं।
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1. इंजन ऑयल: इसमें कभी न करें कंजूसी

इंजन ऑयल वह चिकनाई है जो धातु के पुर्जों को आपस में रगड़ खाने से बचाती है। अगर तेल काला या चिपचिपा हो गया है, तो यह इंजन को ठंडा रखने की क्षमता खो देता है। हर सर्विस पर इसे बदलें और बीच-बीच में ऑयल लेवल चेक करते रहें।

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2. एयर फिल्टर और स्पार्क प्लग: सांस और धड़कन

इंजन को हवा की जरूरत होती है; गंदा एयर फिल्टर इंजन का दम घोंट देता है, जिससे माइलेज गिर जाता है। वहीं, अगर आपकी बाइक स्टार्ट होने में नखरे कर रही है, तो समझ लीजिए स्पार्क प्लग गंदा है। हर 2000 किमी पर इन्हें चेक करना स्मार्ट ओनर की निशानी है।

3. टायर और व्हील बैलेंसिंग: सुरक्षा का आधार

घिसे हुए टायर न सिर्फ फिसलने का डर बढ़ाते हैं, बल्कि ब्रेक लगाने पर गाड़ी को समय से रोक नहीं पाते। सही टायर प्रेशर न होने से व्हील रिम और सस्पेंशन पर भी बुरा असर पड़ता है। हर 5000 किमी पर व्हील एलाइनमेंट की जांच करवाएं।

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4. बैटरी की निगरानी: साइलेंट किलर

आजकल की स्कूटर्स और बाइक्स पूरी तरह इलेक्ट्रिक्स पर निर्भर हैं। अगर आपकी हेडलाइट मद्धम पड़ रही है या सेल्फ स्टार्ट में दिक्कत आ रही है, तो बैटरी टर्मिनल पर लगे कार्बन को चेक करें। बैटरी में लीकेज होने पर उसे नजरअंदाज न करें, यह पूरी वायरिंग जला सकता है।

5. चेन लुब्रिकेशन: स्मूथ ड्राइविंग का राज

अक्सर लोग इसे भूल जाते हैं। सूखी चेन न केवल शोर करती है, बल्कि इंजन की पावर को पहिये तक पहुंचाने में बाधा बनती है। हर 500 किमी पर चेन स्प्रे या गियर ऑयल का इस्तेमाल करें, इससे गियर शिफ्टिंग भी मक्खन जैसी हो जाएगी।
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