"गलती से डरें नहीं, तभी बदलाव आएगा"
भुवनेश्वर में आयोजित 84वीं इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) में गडकरी ने कहा कि सरकार के सिस्टम में अगर कोई नया प्रयोग फेल हो जाए, तो अफसर तुरंत उस अधिकारी पर कार्रवाई का आदेश दे देते हैं।
उन्होंने कहा, "लेकिन मेरा सुझाव है कि अगर गलती ईमानदारी से हुई है, तो माफ करें। अगर गलती जानबूझकर की गई है, तभी कार्रवाई करें।"
गडकरी ने कहा कि अगर हम नई पहल को प्रोत्साहन नहीं देंगे, तो बदलाव कैसे आएगा और दुनिया के बेहतरीन प्रैक्टिसेज को कैसे अपनाया जाएगा? उन्होंने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए नई सोच और सफल प्रयोगों को लागू करना ही होगा।
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"गुणवत्ता और रिसर्च पर दें ध्यान"
गडकरी ने IRC को एक ऐसा ज्ञान मंच बताया जो पिछले नौ दशकों से सड़क इंजीनियरिंग के मानक और दिशानिर्देश तय करता आ रहा है। उन्होंने इंजीनियरों और शोधकर्ताओं से कहा कि भारत के मानकों की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर से करें ताकि गुणवत्ता में सुधार हो।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में क्वालिटी, रिसर्च और पारदर्शिता पर फोकस करना जरूरी है। तेजी से फैसले लेने की क्षमता और ईमानदार प्रशासनिक सुधारों से ही देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रफ्तार बढ़ेगी।
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"सड़क सुरक्षा और पर्यावरण पर भी ध्यान जरूरी"
गडकरी ने बताया कि सरकार सड़क सुरक्षा के लिए कई आधुनिक उपाय अपना रही है, जिनमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, एडवांस इंजीनियरिंग स्टैंडर्ड्स और लोगों में जागरूकता फैलाने वाले अभियान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार अब पर्यावरण-अनुकूल सड़क निर्माण पर भी जोर दे रही है। इसके लिए हाइवे निर्माण में बायो-बिटुमेन और रिसाइकल्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़कों की उम्र बढ़ती है और लागत घटती है।
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"भारत बन रहा है फ्यूल एक्सपोर्टिंग नेशन"
गडकरी ने कहा कि भारत अब सिर्फ पेट्रोल और डीजल आयात करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में ईंधन निर्यातक देश बनेगा। उन्होंने बताया कि देश में इथेनॉल, मेथेनॉल, बायो-एलएनजी, ग्रीन हाइड्रोजन और सीएनजी के उत्पादन में तेजी आई है।
गडकरी ने कहा, "हमारा लक्ष्य साफ है- सड़कें टिकाऊ हों, वाहन सुरक्षित हों और भारत आत्मनिर्भर बने।"
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"बदलाव तभी संभव है, जब प्रयोग की आजादी मिले"
गडकरी का संदेश साफ है- इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को नई सोच और प्रयोगों का मौका दिया जाए। सिस्टम में अगर कोई गलती होती है और वह ईमानदारी से हुई है, तो उसे सजा नहीं, सीख माना जाए।
उन्होंने कहा, "नए प्रयोगों से ही नया भारत बनेगा।"
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