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Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- 2026 तक भारत में टोल कलेक्शन ₹4 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है, AI सिस्टम होगा लागू

Tue, 24 Mar 2026 09:55 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत का टोल कलेक्शन तेजी से बढ़ सकता है। इसकी मुख्य वजह सड़क परियोजनाओं में बढ़ोतरी, वाहनों की बढ़ती संख्या और आधुनिक डिजिटल प्रणालियों की ओर बढ़ता रुझान है।
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टोल टैक्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के टोल कलेक्शन में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। फिलहाल जहां सालाना टोल कलेक्शन 80,000-85,000 करोड़ रुपये है। वहीं इसके बढ़कर 3.5-4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजहें हैं:

  • तेजी से बढ़ते हाईवे प्रोजेक्ट्स

  • वाहनों की संख्या में इजाफा

  • डिजिटल और AI आधारित सिस्टम का इस्तेमाल

 

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क्या AI आधारित टोल सिस्टम आने वाला है?
भारत अब पूरी तरह डिजिटल और बैरियर-फ्री टोल सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
इसके तहत मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें टोल प्लाजा की जरूरत ही नहीं होगी।

यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित होगा और 2026 के अंत तक लागू होने की उम्मीद है।

क्या इससे कोई लागत में बचत भी हो रही है?
एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि, नई तकनीक के इस्तेमाल से टोल कलेक्शन की लागत में करीब 8,500 करोड़ रुपये की सालाना बचत हो रही है।
इससे सिस्टम ज्यादा कुशल और किफायती बन रहा है।

क्या इस दिशा में काम शुरू हो चुका है?
इस नई तकनीक के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।

  • 10 टोल प्लाजा के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं

  • और कई अन्य प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं


क्या निवेशकों को भी फायदा होगा?
गडकरी ने कहा कि टोल कलेक्शन में बढ़ोतरी से रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाले निवेशकों को भी फायदा मिलेगा।
हाल ही में NHAI समर्थित राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (RIIT) के आईपीओ को 14 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला, जो निवेशकों की मजबूत रुचि दिखाता है।

क्या भारत के पास इंफ्रास्ट्रक्चर में और निवेश की क्षमता है?
हां, सरकार का मानना है कि अगर प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन तेज किया जाए, तो भारत हर साल 8-8.5 लाख करोड़ रुपये तक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर सकता है।

यह फंड दो स्रोतों से आएगा:

  • बजटीय सहायता

  • एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए बाजार से जुटाई गई राशि

 

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InvIT मॉडल की क्या भूमिका है?
सरकार रोड एसेट्स को InvIT (इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट) के जरिए मोनेटाइज कर रही है।

  • 2026 तक 3.5 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स InvIT के तहत लाए जा सकते हैं

  • पिछले 4 वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स पहले ही मोनेटाइज किए जा चुके हैं

स्मार्ट और डिजिटल टोल सिस्टम
भारत तेजी से स्मार्ट और डिजिटल टोल सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
AI आधारित टोलिंग, बढ़ते हाईवे नेटवर्क और निवेश के नए मॉडल मिलकर टोल कलेक्शन में बड़ा उछाल ला सकते हैं। जो देश की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को नई रफ्तार देंगे। 

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