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Green Tax: दिल्ली के ग्रीन टैक्स वसूली पर फिर छिड़ी बहस, जानें नितिन गडकरी ने क्यों उठाए सवाल

Thu, 26 Feb 2026 03:55 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में आने और जाने वाली कमर्शियल गाड़ियों पर लगने वाले एनवायरनमेंट कंपनसेशन चार्ज (ECC) को बंद करने की मांग की है। जानें क्या है इसकी वजह...
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नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में वाणिज्यिक वाहनों (कमर्शियल व्हीकल्स) से वसूले जा रहे पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (एनवायरनमेंट कम्पनसेशन चार्ज) (ECC) को लेकर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर यह शुल्क पर्यावरण सुधार के लिए इस्तेमाल ही नहीं हो रहा, तो फिर इसे वसूला ही क्यों जा रहा है।

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ECC यानी ग्रीन टैक्स क्या है और इसे क्यों लगाया गया था?
ECC (ईसीसी) की शुरुआत 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई थी। इसका उद्देश्य दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाकर

  • वायु प्रदूषण को कम करना

  • सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना

था। यह शुल्क नियमित टोल टैक्स के अलावा वसूला जाता है।

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MCD से गडकरी ने क्या सवाल पूछा?
दिल्ली में एक कार्यक्रम में बात करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के साथ हुई एक बैठक में सीधे सवाल किया, "आप ग्रीन एक्टिविटीज के लिए क्या योगदान दे रहे हैं?"

उनके अनुसार, जवाब मिला- कोई योगदान नहीं।
इसके बाद उन्होंने पूछा, "अगर कोई पर्यावरणीय काम नहीं हो रहा, तो यह टोल क्यों वसूला जा रहा है?"

गडकरी ने दिल्ली सरकार से क्या मांग की?
गडकरी ने कहा कि एमसीडी ने उन्हें बताया कि यह ग्रीन टैक्स निगम के लिए आर्थिक रूप से अहम है। इस पर उन्होंने सुझाव दिया कि
दिल्ली सरकार एमसीडी को 800-900 करोड़ रुपये की ग्रांट दे सकती है, ताकि आम लोगों पर यह अतिरिक्त बोझ न डाला जाए और ईसीसी को खत्म किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री से इस शुल्क को तुरंत बंद करने का अनुरोध किया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला क्यों दिया जा रहा है?
गडकरी के अनुसार, अधिकारियों ने ईसीसी जारी रखने के पीछे सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश का हवाला दिया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने आग्रह किया है कि
अदालत से दोबारा इस फैसले पर विचार कराया जाए, ताकि इस टैक्स से परेशान लोगों को राहत मिल सके।

ECC के पैसों के इस्तेमाल पर क्या सवाल उठ रहे हैं?
गडकरी ने बताया कि जब उनके मंत्रालय ने ईसीसी से जुटाए गए फंड की जांच की, तो पाया गया कि
यह पैसा वायु गुणवत्ता सुधारने के मूल उद्देश्य में इस्तेमाल नहीं किया गया।यही वजह है कि उन्होंने इस टैक्स की प्रासंगिकता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
 

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नई बहस छिड़ी?
ग्रीन टैक्स के नाम पर वसूले जा रहे ईसीसी को लेकर अब यह सवाल फिर से जोर पकड़ रहा है कि

  • क्या यह वाकई प्रदूषण कम करने में मदद कर रहा है?

  • या फिर यह सिर्फ एक राजस्व स्रोत बनकर रह गया है?

नितिन गडकरी के बयान ने दिल्ली में ग्रीन टैक्स की उपयोगिता और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है। 

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