भूमि अधिग्रहण और क्लियरेंस क्यों हैं बड़ी समस्या?
गडकरी ने कहा, “भूमि अधिग्रहण, वन और पर्यावरण मंजूरी हाईवे प्रोजेक्ट्स में बड़ी समस्याएं हैं। हमने पहले यह अनिवार्य किया था कि 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना कोई नई परियोजना शुरू नहीं होगी। अब मेरा मानना है कि 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना नई परियोजनाओं के लिए ‘अपॉइंटेड डेट’ भी नहीं दी जानी चाहिए।”
‘अपॉइंटेड डेट’ का क्या मतलब होता है?
‘अपॉइंटेड डेट’ वह औपचारिक तारीख होती है, जब किसी हाईवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू करने का संकेत दिया जाता है। इसका मतलब होता है कि भूमि अधिग्रहण और सभी जरूरी मंजूरियां पर्याप्त रूप से पूरी हो चुकी हैं।
खराब सड़कों के लिए कौन जिम्मेदार है?
गडकरी ने यह भी दोहराया कि हाईवे निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने वाले कंसल्टेंट्स ही खराब गुणवत्ता वाली सड़कों के असली जिम्मेदार हैं।
DPR क्या होती है और किसकी भूमिका अहम है?
उन्होंने सुझाव दिया कि NHAI के रिटायर्ड अधिकारी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए DPR तैयार करने वाली फर्म शुरू करें। DPR एक विस्तृत ब्लूप्रिंट होती है, जिसमें सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, वित्तीय और लॉजिस्टिक्स पहलुओं का विवरण होता है।
निर्माण उद्योग के लिए गडकरी का क्या संदेश है?
मंत्री ने कहा कि निर्माण उद्योग में अपार संभावनाएँ हैं और इसे गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण लागत कम करने पर काम करना चाहिए।