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Tariff: ट्रंप के टैरिफ वॉर से इस ऑटोमोबाइल कंपनी को लगा तगड़ा झटका, कनाडा के लिए रोकनी पड़ी गाड़ियों की सप्लाई

Fri, 11 Jul 2025 01:47 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tariff On Automobiles: अमेरिका-कनाडा के बीच ऑटो टैरिफ विवाद का असर ऑटोमोबाइल कंपनियों पर पड़ रहा है। हाल ही में निसान ने कनाडा के लिए पाथफाइंडर, मुरानो और फ्रंटियर मॉडल्स का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय ऑटो कंपनियों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
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कार प्लांट - फोटो : Freepik
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विस्तार
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अमेरिका और कनाडा के बीच ऑटोमोबाइल इंपोर्ट टैक्स (टैरिफ) को लेकर चल रहे तनाव का सीधा असर जापानी ऑटो कंपनी निसान मोटर पर पड़ा है। कंपनी ने कनाडा के लिए अपने तीन प्रमुख मॉडल्स – पाथफाइंडर SUV, मुरानो SUV और फ्रंटियर पिकअप ट्रक का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
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निसान ने इस फैसले को "छोटा और अस्थायी कदम" बताया है और उम्मीद जताई है कि अमेरिका और कनाडा के बीच जारी बातचीत से जल्द कोई समाधान निकलेगा। हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रोडक्शन कब से रोका गया है और कब तक रुका रहेगा।

कनाडा ने भी लगाया टैरिफ - फोटो : Freepik
कंपनी कनाडा को करती है एक्सपोर्ट
कंपनी ने जानकारी दी कि कनाडा में उसकी सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियां – वर्सा, सेंट्रा और रोग हैं, जो मेक्सिको और जापान से आती हैं। निसान की कनाडा में बिकने वाली लगभग 80% गाड़ियां इन्हीं देशों से आयात होती हैं।

अमेरिका के टेनेसी राज्य में पाथफाइंडर और मुरानो का प्रोडक्शन होता है जबकि फ्रंटियर ट्रक मिसिसिपी में बनता है। निसान की कनाडा में कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं है।

कनाडा ने लगाया जवाबी टैरिफ
अप्रैल में ट्रंप प्रशासन ने कारों के इंपोर्ट पर 25% अतिरिक्त टैक्स लागू किया था। इसके जवाब में कनाडा ने भी टैक्स लगाया। इसी वजह से माजदा जैसी कंपनियों ने भी कनाडा के लिए गाड़ियों का उत्पादन रोक दिया है। हालांकि, कनाडा निसान के लिए कोई बड़ा बाजार नहीं है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय कार कंपनियां ऐसे टैरिफ फैसलों से कैसे प्रभावित हो रही हैं।
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निसान की परेशानी बढ़ी - फोटो : एआई
पहले से संकट में निसान
निसान पहले ही बिक्री में गिरावट और मॉडल्स के पुराने होने से जूझ रही है। मार्च में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी को करीब 4.5 अरब डॉलर का घाटा हुआ। इसके अलावा, 4.8 अरब डॉलर का कर्ज भी चुकाना है। हाल ही में निसान ने अपने कुछ सप्लायर्स से भुगतान टालने की अनुमति मांगी है ताकि नकदी बचाई जा सके।

निसान की क्रेडिट रेटिंग भी कई बड़ी एजेंसियों ने ‘जंक’ घोषित कर दी है। बीते वित्त वर्ष में कंपनी ने कनाडा में करीब 1.04 लाख गाड़ियां बेचीं, जो उसकी ग्लोबल सेल्स का केवल 3% हिस्सा है।
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