राइडर्स यात्रियों से यह भी कह रहे हैं कि भविष्य में सीधे उन्हें कॉल करें, खासकर वही लोग जो रोज एक ही रूट पर यात्रा करते हैं। ये गतिविधियां कोरमंगला, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, सिल्क बोर्ड, बेलंदूर और आउटर रिंग रोड जैसे इलाकों में ज्यादा देखने को मिल रही हैं।
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डेटा प्राइवेसी पर सवाल
कई यात्रियों को इस बात की चिंता है कि राइडर्स के पास उनका नंबर कैसे पहुंचा और वे इसे कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ लोग जहां परिचित राइडर्स से संपर्क में सहज महसूस कर रहे हैं, वहीं कुछ को बिना अनुमति के आए कॉल और मैसेज से असहजता हो रही है।
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महंगी ऑटो राइड्स बनीं वजह
यात्रियों का कहना है कि बाइक टैक्सी पर बैन के बाद ऑटो वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऑटो वाले 2 किलोमीटर के लिए 120 से 150 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ऐसे में बाइक टैक्सी राइडर्स अधिक किफायती और भरोसेमंद लगते हैं, भले ही तरीका गैरकानूनी हो।
यात्रियों का मानना है कि सरकार को इसके लिए एक व्यवहारिक विकल्प देना चाहिए, जिससे छोटे दूरी की यात्रा महंगी और असुविधाजनक न बने।