ToT मॉडल से हट रही है सरकार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि सरकार इनविट पर अधिक निर्भर रहेगी और टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करेगी। चूंकि अब टीओटी को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, इसलिए एनएचएआई को दो राजमार्ग बंडलों के लिए रियायतकर्ता तय करना बाकी है, जिसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष में बोलियां आई थीं। इन दो बंडलों के अलावा, वर्तमान में दो और टीओटी बंडलों के लिए बोलियां खुली हैं।
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इस साल कम होगा InvIT का साइज
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार इनविट का साइज थोड़ा छोटा रखा गया है। हालांकि, प्रक्रिया को पहले ही शुरू कर दिया गया है ताकि अगर ज़रूरत पड़ी तो इस साल के भीतर एक और दौर भी चलाया जा सके।
पिछले साल ₹17,738 करोड़ की हुई कमाई
वित्त वर्ष 2024-25 में NHIT ने NHAI से 821 किलोमीटर लंबी सड़कें खरीदी थीं और इसके बदले एडवांस में 17,738 करोड़ रुपये की रकम दी थी। इस बार के राउंड से अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 12,500 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
- फोटो : वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार
अब तक ₹43,638 करोड़ की कमाई
अब तक NHAI ने कुल 2,345 किलोमीटर की सड़कों को मॉनेटाइज करके 43,638 करोड़ रुपये जुटाए हैं। अभी तक NHIT एक निजी इनविट के तौर पर काम कर रहा है। लेकिन अब एक 'पब्लिक इनविट' लाने का भी प्रस्ताव है, जिसमें आम निवेशक यूनिट्स के रूप में इक्विटी खरीद सकेंगे। हालांकि, NHIT ने 2022 में एक बार ही डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए पब्लिक से फंड जुटाया है।
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मॉनटाइजेशन का बड़ा लक्ष्य
अगर ToT मॉडल को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, तो फिर इनविट ही एकमात्र जरिया बचेगा। जिससे सरकार अगले पांच वर्षों में नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा कर सकेगी। यह योजना 2025 से शुरू होने वाले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये की संभावित कमाई पर आधारित है। जिसमें से केवल हाईवे सेक्टर से ही 3.5 लाख करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
हर साल ₹50,000 करोड़ से ज्यादा कमाई का लक्ष्य
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए NHAI को हर साल करीब 50,000 करोड़ रुपये की सड़कों को मॉनेटाइज करना होगा। इसके लिए इनविट मॉडल को और मजबूत करना और अधिक पारदर्शिता लाना अब बेहद जरूरी हो गया है।
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