Mumbai-Pune Expressway Speed Limit: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के भोर घाट सेक्शन में भारी वाहनों को रफ्तार के मामले में थोड़ी राहत मिल सकती है। इस सेक्शन पर 40 किमी प्रति घंटे की मौजूदा सीमा को बढ़ाकर 45 से 50 किमी प्रति घंटे तक करने पर विचार किया जा रहा है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के भोर घाट खंड में भारी वाहनों को जल्द ही रफ्तार बढ़ाने की अनुमति मिल सकती है। यह हिस्सा, जो पुणे जिले के लोनावला और रायगढ़ जिले के खोपोली के बीच स्थित है, अपने तीव्र ढलान और सख्त गति नियमों के लिए जाना जाता है। फिलहाल यहां ट्रकों और बसों के लिए अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा है, जिसे अब बढ़ाकर 45-50 किमी प्रति घंटा करने पर विचार किया जा रहा है।
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इस मुद्दे पर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC), परिवहन विभाग, हाईवे पुलिस और ट्रांसपोर्टरों के बीच हाल ही में संयुक्त सर्वे किया गया। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मौजूदा स्पीड लिमिट व्यवहारिक नहीं है, जिससे न केवल वाहनों की ब्रेकिंग प्रणाली पर असर पड़ता है बल्कि बार-बार ई-चालान भी जारी होते हैं।
नए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की मदद से स्पीड की सख्ती से निगरानी की जा रही है। इससे भारी वाहनों को मामूली स्पीड बढ़ने पर भी 2000 रुपये तक का चालान भुगतना पड़ता है, जो लगातार उल्लंघन पर और बढ़ता है। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक, केवल 10 किलोमीटर के इस घाट सेक्शन में लगभग 30% चालान इन्हीं वाहनों पर होते हैं।
ट्रांसपोर्ट आयुक्त विवेक भीमनवार ने भी माना कि ढलान पर इतनी कम स्पीड बनाए रखना व्यावहारिक रूप से कठिन है। उन्होंने कहा कि यह मामला हाईवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है और विभाग ने इस बाबत कई पत्र भेजे हैं।
एक अधिकारी के अनुसार, हाईवे पुलिस जल्द ही इस पर निर्णय लेने के लिए बैठक बुला सकती है। 2002 में शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर 2024 में कुल 191 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं।