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Nissan: घाटे में चल रही जापानी वाहन निर्माता कंपनी निसान ने उठाया बड़ा कदम, नगदी के लिए बेचा मुख्यालय भवन

Thu, 06 Nov 2025 02:04 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संकटग्रस्त जापानी वाहन निर्माता कंपनी निसान ने गुरुवार को कहा कि वह अपने पुनरुद्धार प्रयासों के तहत टोक्यो के दक्षिण-पश्चिम में योकोहामा स्थित अपने मुख्यालय भवन को 97 अरब येन (लगभग 6,300 करोड़ रुपये) में बेच रही है।
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Nissan GT-R R35 - फोटो : Nissan
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विस्तार
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जापान की जानी-मानी वाहन निर्माता कंपनी Nissan (निसान) इन दिनों आर्थिक तंगी से गुजर रही है। इसी बीच कंपनी ने घोषणा की है कि वह टोक्यो के दक्षिण-पश्चिम में स्थित योकोहामा में अपना मुख्यालय भवन 97 अरब येन (लगभग 6,300 करोड़ रुपये) में बेच रही है। यह कदम निसान के पुनरुद्धार प्रयास (रीवाइवल प्लान) का हिस्सा बताया जा रहा है। 
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मुख्यालय रहेगा वही, लेकिन अब किराए पर
निसान मोटर कंपनी ने बताया कि भवन बिक जाने के बाद भी वह उसी बिल्डिंग को किराए पर लेकर मुख्यालय के तौर पर इस्तेमाल करती रहेगी। इस सौदे से कंपनी को 73.9 अरब येन (करीब 4,800 करोड़ रुपये) का लाभ दर्ज होगा। भवन को टोक्यो की रियल एस्टेट कंपनी एमजेआई गोडो काइशा ने खरीदा है।
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AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी में निवेश की योजना
कंपनी का कहना है कि इस बिक्री से जो पैसा आएगा, उसे मुख्यालय की इंटरनल सिस्टम्स को आधुनिक बनाने, एआई-आधारित तकनीक और डिजिटल मॉडर्नाइजेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। निसान फिलहाल अपनी March (मार्च) और Infiniti (इंफिनिटी) मॉडल्स के लिए जानी जाती है।

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खरीदार कंपनी और डील की जानकारी
एमजेआई गोडो एक स्पेशल पर्पस ट्रस्ट है, जो मिंथ ग्रुप के स्वामित्व में है। मिंथ ग्रुप एक बड़ी ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जिसके शेयर हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। हालांकि, इस डील में लीज (किराए) की सटीक कीमत का खुलासा नहीं किया गया है।

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घाटे से उबरने की कोशिश
निसान पिछले कुछ वर्षों से लगातार घाटे में चल रही है। कंपनी ने मार्च में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में 670.9 अरब येन (करीब 44,000 करोड़ रुपये) का नुकसान दर्ज किया था। कंपनी ने हाल ही में नए सीईओ इवान एस्पिनोसा की नियुक्ति की है, जो 20 साल से निसान से जुड़े हैं और अब कंपनी के पुनर्गठन का नेतृत्व कर रहे हैं।

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"गैर-जरूरी संपत्तियों को बेचकर सुधार"
निसान ने कहा, "यह कदम हमारी पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में एक अनुशासित रणनीति का हिस्सा है। गैर-जरूरी संपत्तियों से वैल्यू निकालकर हम अपने ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।" कंपनी के मुताबिक, इस बिक्री से वह इनोवेशन, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की ग्रोथ के लिए रिसर्च पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।

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कर्मचारियों में कटौती और फैक्ट्री बंद
निसान ने पहले ही घोषणा की थी कि वह अपनी वैश्विक वर्कफोर्स में 15 प्रतिशत यानी करीब 20,000 कर्मचारियों की कटौती करेगी। इसके अलावा, कंपनी ने जापान में अपनी प्रमुख ओप्पामा फैक्ट्री को बंद करने का फैसला भी लिया है।

निसान की यह बड़ी बिक्री दिखाती है कि कंपनी अपने वित्तीय संकट से निकलने के लिए कठोर कदम उठाने को तैयार है। एक तरफ वह पुरानी संपत्तियों को बेच रही है, तो दूसरी तरफ भविष्य की तकनीकों में निवेश करके खुद को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

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