केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने शनिवार को कहा कि सड़क जैसी ढांचागत परियोजनाओं के निर्माण के लिए केंद्र सरकार विदेशी निवेशकों से राशि नहीं लेगी और छोटे निवेशकों से ही रकम जुटाएगी। गडकरी के मुताबिक किसान, खेत मजदूर, कांस्टेबल, क्लर्क और सरकारी कर्मचारियों से भी पैसे जुटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ढांचागत परियोजनाओं के लिए प्रति वर्ष आठ प्रतिशत के सुनिश्चित रिटर्न पर एक लाख रुपये लगाने के इच्छुक छोटे निवेशकों से धन जुटाएगी।
कम से कम एक लाख रुपये का निवेश
गडकरी ने यहां महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'मैं अमीरों को और अमीर नहीं बनाना चाहता। उनके बजाय मैं किसानों, खेत मजदूरों, कांस्टेबलों, क्लर्कों और सरकारी कर्मचारियों से पैसा इकट्ठा करूंगा।'
होगा मोटा मुनाफा
गडकरी ने कहा कि इस योजना में हर छोटे निवेशक से कम से कम 1 लाख रुपये का निवेश शामिल है जो एक तय सड़क परियोजना के लिए होगा। इसके साथ ही उन्होंने बैंक में पैसे जमा करने पर मिलने वाले 4.5 से 5 प्रतिशत की तुलना में सॉवरेन गारंटी के साथ सालाना 8 प्रतिशत के रिटर्न का आश्वासन दिया।
सेबी की मंजूरी बाकी
गडकरी ने कहा कि निवेश प्रस्ताव पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास लंबित है और उनकी मंजूरी मिलने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, ऑस्ट्रेलिया के मैक्वेरी या कनाडाई पेंशनभोगियों जैसे कई विदेशी निवेशकों ने भारत में निवेश किया है, लेकिन अब, हमारे लिए खुद से धन जुटाना जरूरी हो गया है।
विदेशी निवेशकों को कहेगी ना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका विभाग सालाना पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का काम करता है। ऐसा देखकर विदेशी निवेशक भारतीय सड़क परियोजनाओं में निवेश करना चाहते हैं लेकिन सरकार इसे लेकर इच्छुक नहीं है। गडकरी ने कहा कि कस्बों और शहरों में रेलवे क्रॉसिंग पर सड़क ओवरब्रिज बनाने की 8,000 करोड़ रुपये की परियोजना पर भी काम चल रहा है, लेकिन इसकी घोषणा बजट के बाद की जाएगी।
दो बैंक लोन के लिए तैयार
गडकरी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वर्तमान में 5.85 प्रतिशत तक की प्रतिस्पर्धी दरों पर कर्ज जुटा रहा है। दो बैंकों ने 25,000 करोड़ रुपये के कर्ज का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही गडकरी ने कई परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी जो अगले एक साल में यातायात के लिए खुल जाएंगे। उन्होंने कहा कि चलाई जा रही परियोजनाओं से दूरियां, यात्रा में लगने वाला समय, प्रदूषण और ईंधन कम होगा, अर्थव्यवस्था को भी मदद मिलेगी।
ईंधन विकल्पों पर जोर
गडकरी ने कहा कि कच्चे तेल पर विदेशी मुद्रा बचाने, प्रदूषण पर अंकुश लगाने और घरेलू उद्योग और चीनी उत्पादकों की मदद करने के लिए इथेनॉल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस, हरी हाइड्रोजन जैसे ईंधन विकल्पों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने की जरूरत है।