कार में क्या खराबी आई?
पुखराज सिंह बाल के मुताबिक:
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वह अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे।
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तभी वाहन अचानक सड़क पर बंद हो गया।
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इसके चलते पीछे से एक अन्य वाहन की टक्कर हो गई।
शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बताया।
खराब होने के बाद कार का क्या हुआ?
घटना के बाद:
ग्राहक का आरोप है कि:
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कई बार फॉलो-अप करने के बावजूद समस्या कई सप्ताह तक ठीक नहीं हुई।
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बाद में जब वह वर्कशॉप पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि वाहन को कथित तौर पर अतिरिक्त नुकसान भी हुआ था।
डीलर और निर्माता की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट होकर उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और रिफंड या रिप्लेसमेंट की मांग की।
JSW MG Motor ने अपने बचाव में क्या कहा?
डीलर और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने किसी भी तरह की मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होने से इनकार किया।
कंपनी की दलीलें:
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वाहन का एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) सामान्य रूप से काम कर रहा था।
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ट्रैफिक की स्थिति के कारण ऑटोमैटिक ब्रेकिंग हुई थी, जिससे यह घटना हुई।
कंपनी ने यह भी कहा कि:
उपभोक्ता आयोग ने क्या पाया?
मामले की सुनवाई अध्यक्ष अमरिंदर सिंह सिद्धू और सदस्य बी.एम. शर्मन की पीठ ने की।
आयोग ने पाया कि:
आयोग ने विशेष रूप से निम्न दस्तावेजों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया:
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इवेंट डेटा रिकॉर्डर लॉग
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डायग्नोस्टिक रिपोर्ट
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सॉफ्टवेयर विश्लेषण
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विशेषज्ञों की राय
क्या निरीक्षण रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया गया?
हां। आयोग ने डीलर द्वारा पेश की गई निरीक्षण रिपोर्ट को भी स्वीकार नहीं किया।
आयोग ने इसे:
वर्कशॉप में कार को अतिरिक्त नुकसान कैसे पहुंचा?
आयोग ने यह भी नोट किया कि:
आयोग के अनुसार, यह:
को दर्शाता है।
आयोग ने ग्राहक के अधिकारों को लेकर क्या कहा?
उपभोक्ता आयोग ने कहा कि:
जो ग्राहक 19 लाख रुपये से अधिक खर्च करके नई कार खरीदता है, उसे विश्वसनीय और बिना रुकावट प्रदर्शन की अपेक्षा करने का पूरा अधिकार है।
आयोग ने क्या आदेश दिया?
उपभोक्ता आयोग ने जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया और डीलर को संयुक्त रूप से निर्देश दिया कि वे:
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वाहन की कीमत के रूप में 18.49 लाख रुपये वापस करें।
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एक्सेसरीज पर खर्च किए गए 57,690 रुपये की प्रतिपूर्ति करें।
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मानसिक पीड़ा और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 50,000 रुपये का भुगतान करें।
कुल मिलाकर ग्राहक को लगभग 19.56 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया गया है।
यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
यह फैसला वाहन उद्योग के लिए एक अहम संदेश माना जा रहा है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि:
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यदि किसी ग्राहक को वाहन खरीदने के तुरंत बाद गंभीर गुणवत्ता संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है,
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या डीलर और निर्माता उचित सेवा देने में विफल रहते हैं,
तो ऑटोमोबाइल कंपनियों और डीलरशिप को जवाबदेह ठहराया जा सकता है।
यह मामला उपभोक्ता अधिकारों और बिक्री के बाद सेवा की जिम्मेदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।