अवैध पार्किंग से निपटने के लिए NHAI ने क्या खास तैयारी की है?
इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए एनएचएआई ने तकनीक और स्थानीय प्रशासन की मदद ली है:
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595 संवेदनशील जगहों की पहचान: प्राधिकरण ने विभिन्न राज्यों में नेशनल हाईवे पर अवैध पार्किंग वाली ऐसी 595 महत्वपूर्ण और संवेदनशील जगहों की पहचान की है, जहां सबसे ज्यादा समस्या होती है।
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लोकेशन ट्रैकिंग: इन सभी जगहों की पहचान उनके सटीक अक्षांश और देशांतर (लैटीट्यूड और लॉगीट्यूड) कोऑर्डिनेट्स के साथ की गई है।
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प्रशासन का साथ: नेशनल हाईवे से इस अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने के लिए NHAI अब राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों और कानूनी प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर बेहद बारीकी से काम कर रहा है।
हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए किन आधुनिक तकनीकों का ऑडिट होगा?
हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए NHAI ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के सभी इंस्टॉलेशंस का तुरंत ऑडिट करने के लिए कहा गया है। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसके निम्नलिखित हिस्से पूरी तरह से काम कर रहे हैं:
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ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे (Traffic monitoring cameras)
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वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (Video incident detection systems)
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वेरिएबल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम (Variable speed detection systems)
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वेरिएबल मैसेज साइनबोर्ड्स (Variable message signboards)
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इमरजेंसी कॉल बॉक्सेस (Emergency call boxes)
यात्रियों की सुरक्षा के लिए और कौन से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं?
हादसों के समय तुरंत मदद पहुंचाने और नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है:
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एंबुलेंस और रिकवरी वाहनों की तैनाती: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और क्रेन/रिकवरी व्हीकल्स को तैनात किया जा रहा है।
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हाईवे पेट्रोलिंग और मेंटेनेंस: नेशनल हाईवे पर गश्त (पेट्रोलिंग) को और बढ़ा दिया गया है। साथ ही सुरक्षा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के रख-रखाव को प्राथमिकता दी जा रही है।
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त्वरित रिस्पॉन्स: ATMS से मिलने वाले अलर्ट्स को सीधे प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जोड़ा जा रहा है। ताकि किसी भी घटना पर तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सके और पूरे देश में हाईवे के सफर को सुरक्षित बनाया जा सके।