आज की स्मार्ट कारों में सेफ्टी के लिए कमाल की टेक्नोलॉजी दी जाती है। लेकिन मोबाइल या लैपटॉप की तरह ही कार के सॉफ्टवेयर में भी 'बग्स' आ सकते हैं। इसी को देखते हुए जर्मन लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी कुछ प्रीमियम कारों को रिकॉल करने का किया है। आइए समझते हैं कि आखिर कारों में तकनीकी दिक्कत क्या है और इसका समाधान कैसे होगा।
कार में क्या हुई खराबी?
इन कारों के 'एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम' (ADAS) के एक अहम सेफ्टी फीचर- इमरजेंसी स्टॉप असिस्ट में एक सॉफ्टवेयर की दिक्कत पाई गई है।
कैसे काम करता है 'इमरजेंसी स्टॉप असिस्ट'?
यह एक स्मार्ट सेफ्टी फीचर है। अगर कार चलाते समय ड्राइवर की तबीयत खराब हो जाए या वह ध्यान न दे। यानी काफी देर तक स्टीयरिंग पर कोई हलचल न हो या हाथ स्टीयरिंग पर न हों तो यह सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है। यह कार को अपने आप सुरक्षित तरीके से रोक देता है और एक इमरजेंसी कॉल लगा देता है। मर्सिडीज ने पाया है कि सॉफ्टवेयर में एक छोटी-सी गड़बड़ी के कारण, जरूरत पड़ने पर शायद यह फीचर सही से काम न करे।
कौन-सी और कितनी कारें हैं प्रभावित?
कंपनी के मुताबिक, इस सॉफ्टवेयर बग से कुल 149 गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। अगर आपकी कार नीचे दी गई तारीखों के बीच बनी है, तो उसे अपडेट की जरूरत पड़ सकती है:
- सीएलई मॉडल्स: 2 सितंबर 2024 से 18 मार्च 2025 के बीच बनी यूनिट्स
- सीएलई 53 एएमजी कूपे: 12 दिसंबर 2024 से 18 मार्च 2025 के बीच बनी यूनिट्स
- एएमजी सी-क्लास (सी 63 एस ई परफॉर्मेंस): 23 अक्टूबर 2024 से 23 नवंबर 2024 के बीच बनी गाड़ियां
अब आगे क्या होगा?
अगर आपके पास इनमें से कोई कार है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। मर्सिडीज के अधिकृत सर्विस सेंटर खुद प्रभावित कार मालिकों से संपर्क करेंगे। आपकी कार की जांच की जाएगी और उसमें जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया एकदम मुफ्त होगी।
जब तक आपकी कार का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो जाता, तब तक इस ऑटोमैटिक 'इमरजेंसी स्टॉप' फीचर के भरोसे न बैठें। कार चलाते समय हमेशा सावधानी बरतें और खुद अलर्ट रहें। अगर आपको शक है कि आपकी कार भी इसमें शामिल है तो आप खुद भी नजदीकी मर्सिडीज सर्विस सेंटर पर कॉल करके पुष्टि कर सकते हैं।