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E20 Petrol: सौरव जोशी के माइलेज घटाने वाले दावे पर मर्सिडीज बेंज का बड़ा बयान, ई20 पेट्रोल पर जारी की एडवाइजरी

Mon, 13 Jul 2026 02:27 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के लोकप्रिय डेली व्लॉगर सौरव जोशी द्वारा अपनी Mercedes-Benz SUV के माइलेज में अचानक आई भारी गिरावट का दावा करने के बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी किया है। जानें आखिर क्या कहना है इस दिग्गज जर्मन वाहन निर्माता का।
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Mercedes -Benz E20 Petrol Response - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत के सबसे लोकप्रिय डेली व्लॉगर सौरव जोशी ने हाल ही में अपने यूट्यूब वीडियो में एक ऐसा दावा किया, जिसने लग्जरी कार प्रेमियों और ऑटोमोबाइल जगत में हलचल मचा दी। सौरव का दावा था कि उनकी मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz) लग्जरी एसयूवी का माइलेज अचानक बेहद कम हो गया है। और इसके लिए उन्होंने पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले इथेनॉल-ब्लेंडेड (E20) पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराया।

इस वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद, जर्मन कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर इस मामले पर अपनी स्थिति साफ की है।

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सौरव जोशी ने अपनी मर्सिडीज कार को लेकर क्या दावा किया?

सौरव जोशी ने अपने वीडियो में गाड़ी के घटते माइलेज के लाइव आंकड़े दिखाते हुए गहरी चिंता व्यक्त की। क्या है उनके दावे:

  • 48 घंटे में माइलेज 17 से गिरकर 5 पर पहुंची:
    सौरव ने बताया कि महज दो दिनों (48 घंटे) के भीतर उनकी गाड़ी की ईंधन दक्षता में अभूतपूर्व गिरावट आई है। उन्होंने दर्शकों से कहा, "कल मैंने आपको दिखाया था कि कार का माइलेज 17 से सीधे 9 पर आ गया था। और आज यह सिर्फ 5 रह गया है... देखिए, यह 5 का माइलेज दिखा रहा है।"

  • ड्राइविंग रेंज में भारी कमी:
    व्लॉगर के मुताबिक, पहले जहां फुल टैंक पेट्रोल कराने पर गाड़ी लगभग 800 किलोमीटर चलती थी। वहीं अब रिफ्यूलिंग के बाद स्क्रीन पर अनुमानित रेंज सिर्फ 480 किलोमीटर ही दिखाई दे रही है।

  • इथेनॉल को ठहराया जिम्मेदार:
    सौरव ने इस गिरावट का सीधा दोष स्थानीय फिलिंग स्टेशनों पर मिलने वाले ईंधन को दिया। उन्होंने दावा किया, "इथेनॉल की वजह से ऐसा हुआ है।"

  • इंजन खराब होने का डर:
    इस भारी गिरावट ने सौरव को असमंजस में डाल दिया है। उन्हें डर है कि इस जर्मन एसयूवी का पेट्रोल इंजन कहीं अंदर से पूरी तरह खराब न हो जाए। उन्होंने कहा, "पता नहीं यह कार कब बंद हो जाएगी... आजकल मुझे पेट्रोल भरवाने में भी डर लगता है।"

  • इलेक्ट्रिक G-Wagon से मिली राहत:
    सौरव ने यह भी साझा किया कि उनके पास मर्सिडीज की एक और एसयूवी, G-Wagon का इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी है। जिसकी वजह से वह कम से कम उस गाड़ी में इथेनॉल से जुड़ी इस टेंशन से दूर रहते हैं।

Mercedes-Benz S-Class Facelift - फोटो : Mercedes

सौरव के दावों पर मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने क्या सफाई दी?

जैसे ही सौरव जोशी का यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, मर्सिडीज-बेंज इंडिया तुरंत हरकत में आई। कंपनी ने बिना सौरव का नाम लिए एक कस्टमर एडवाइजरी जारी कर स्थिति स्पष्ट की:

  • सभी BS VI पेट्रोल गाड़ियां E20 के अनुकूल:
    कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मर्सिडीज-बेंज की सभी पेट्रोल BS VI (बीएस 6) गाड़ियां E20 ईंधन के साथ पूरी तरह से अनुकूल हैं।

  • संबंधित अथॉरिटीज से प्रमाणित:
    कंपनी ने स्पष्ट किया कि उनकी गाड़ियां प्रासंगिक सरकारी अधिकारियों द्वारा E20 ईंधन के लिए प्रमाणित की जा चुकी हैं।

  • सुरक्षा और परफॉर्मेंस सर्वोपरि:
    मर्सिडीज ने कहा, "हमारे लिए ग्राहकों की सुरक्षा, वाहनों की विश्वसनीयता और उनका परफॉर्मेंस सबसे ज्यादा मायने रखता है। हम तकनीकी तौर पर ग्राहकों की हर समस्या का समाधान करने के लिए तैयार हैं और सस्टेनेबल मोबिलिटी (टिकाऊ गतिशीलता) के प्रति प्रतिबद्ध हैं।"

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आखिर क्या है E20 ईंधन और इस पर विवाद क्यों है?

इस पूरे विवाद की जड़ में E20 ईंधन है। आइए समझते हैं कि यह क्या है और इस पर बहस क्यों छिड़ी है:

  • 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण:
    E20 एक मिश्रित मोटर ईंधन है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है।

  • गाड़ियों के इंजन को नुकसान का डर:
    यह ईंधन भारत में विवादों में है क्योंकि कई दावों के अनुसार, यह पुरानी और इसके अनुकूल न रहने वाली गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है। और साथ ही माइलेज को भी कम कर सकता है।

  • सरकार का पक्ष और आर्थिक लाभ:
    इंजन को नुकसान और माइलेज घटने की चिंताओं के बीच, सरकार ने शुक्रवार को इस इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम का पुरजोर बचाव किया है। सरकार का कहना है कि इस योजना ने देश की शुगर इकोनॉमी (चीनी अर्थव्यवस्था) को मजबूत किया है, किसानों की आय बढ़ाई है और 2014-15 से अब तक देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी बचत की है।

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