EQA EQB EQE SUV stopped: मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने अपनी रणनीति बदलते हुए A-Class लिमोसिन, EQA, EQB और EQE SUV को बंद कर दिया है। इन मॉडल्स के हटने के बाद अब जीएलए एसयूवी कंपनी की सबसे सस्ती पेशकश बन गई है। जिससे ब्रांड में एंट्री की कीमत काफी बढ़ गई है। वहीं, कंपनी 24 अप्रैल 2026 को अपना बड़ा दांव सीएलए ईवी लॉन्च करने की तैयारी में है, जो 800-वोल्ट आर्किटेक्चर और 792 किमी तक की रेंज के साथ लक्जरी ईवी सेगमेंट में नई क्रांति लाने की तैयारी में है।
पोर्टफोलियो में क्यों हुए ये बड़े बदलाव?
मार्च 2021 में लॉन्च हुई A-Class लिमोसिन मर्सिडीज की एंट्री-लेवल कार थी, जिसकी कीमत लगभग 44.46 लाख रुपये से शुरू थी। इसके हटने के बाद, अब मर्सिडीज की दुनिया में प्रवेश करने के लिए ग्राहकों को सीधे GLA SUV पर जाना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बदलाव से साफ है कि मर्सिडीज अब लक्जरी की निचली सीढ़ियों को छोड़कर सीधे प्रीमियम सेगमेंट को टारगेट करना चाह रही है।
इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का ओवरहॉल
मर्सिडीज ने अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों में भी बड़ी छंटनी की है:
- EQA: यह कंपनी की सबसे किफायती ईवी मानी जाती थी, इसे भी अब बंद करने का फैसला लिया गया है।
- EQB: तीन-रो वाली यह इलेक्ट्रिक एसयूवी अब पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं रहेगी।
- EQE SUV: प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट को अब नई गाड़ियों के लिए जगह दी जा रही है।
इन मॉडल की दमदार एंट्री की तैयारी
एक्सपर्ट्स कहते हैं मर्सिडीज का भविष्य अब सीएलए ईवी पर टिका है। 24 अप्रैल 2026 को इसके लॉन्चिंग की संभावना है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इसे क्लास-लीडिंग बनाती हैं। जैसे 800-वोल्ट सिस्टम में यह सुपर-फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करेगा। रेंज की बात करें तो इसका 85kWh बैटरी पैक के साथ यह लगभग 792 किलोमीटर (WLTP साइकिल के अनुसार) की लंबी दूरी तय कर सकती है। वहीं इसमें लगा इलेक्ट्रिक मोटर 272 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता है, जो इसे केवल 6.7 सेकंड में 0 से 100 किमी या घंटा की रफ्तार पर पहुंचा देता है।
क्या चाहती है मर्सिडीज?
मर्सिडीज-बेंज अब ऐसी गाड़ियां बनाना चाहती है जो केवल ब्रांड वैल्यू न बेचें, बल्कि नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी पेश करें। कम मार्जिन वाली एंट्री-लेवल कारों को हटाकर, कंपनी अपने मुनाफे और ब्रांड की विशिष्टता को बढ़ाना चाहती है। CLA EV जैसे मॉडल्स के साथ, कंपनी का उद्देश्य ईवी बाजार में टेस्ला और अन्य प्रीमियम ब्रांड्स को सीधी टक्कर देना है।