आंध्र प्रदेश में अब ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए कोई भी जुगाड़ नहीं चल सकेगा। क्योंकि मारुति सुजुकी इंडिया ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी कर ली है, जिसके तहत राज्य में चार ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ADTTs) बनाए जाएंगे। ये ट्रैक एलुरु, ओंगोल, विजयनगरम और अनाकापल्ली स्थित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) परिसरों में स्थापित होंगे। इन ट्रैक्स पर अत्याधुनिक सेंसर्स और कैमरों के जरिए उम्मीदवार की ड्राइविंग क्षमता का सटीक आंकलन किया जाएगा।
कब तक मारुति संभालेगी संचालन और रखरखाव?
मारुति सुजुकी इंडिया के एमडी और सीईओ हिसाशी टेकुची के अनुसार कंपनी इन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक्स को चालू होने की तारीख से तीन वर्षों तक ऑटोमेट और मेंटेन करेगी। इन एडीटीटी की सबसे बड़ी खूबी ये है कि यहां ड्राइविंग टेस्ट के दौरान किसी भी अधिकारी का व्यक्तिगत हस्तक्षेप नहीं होगा। इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। एडवांस्ड सेंसर्स और कैमरों के जरिए उम्मीदवार के कौशल की जांच होगी। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति ने नियमों का पालन नहीं किया या फाउल किया, तो सिस्टम तुरंत उसे रिकॉर्ड कर लेगा। इससे केवल योग्य और कुशल चालकों को ही लाइसेंस मिलने में मदद मिलेगी।
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सड़क सुरक्षा को मिलेगा सीधा लाभ
आंध्र प्रदेश के परिवहन आयुक्त मनीष कुमार सिन्हा के अनुसार, मारुति सुजुकी और आंध्र प्रदेश परिवहन विभाग के बीच हुआ ये समझौता राज्य में लाइसेंस वितरण प्रणाली को बदलने वाला है। इस ऑटोमेशन टेस्टिंग प्रक्रिया से एकरूपता और निष्पक्षता रहेगी। इससे राज्य में सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और लाइसेंस प्रणाली पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
इन चार शहरों को मिलेगा लाभ
मारुति सुजुकी इन केंद्रों पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी और अगले 3 वर्षों तक इनका रखरखाव भी करेगी:
एलुरु: टू-व्हीलर और लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी)।
विजयनगरम: टू-व्हीलर और लाइट मोटर व्हीकल ।
अनाकापल्ली: टू-व्हीलर और लाइट मोटर व्हीकल।
ओंगोल: यहां एलएमवी के साथ-साथ भारी मोटर वाहनों (एचएमवी) के लिए भी टेस्टिंग सुविधा होगी।