वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर इस कार का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। उत्तरादी मठ के श्री सत्यात्मतीर्थ स्वामीजी को इस ड्राइवरलेस कार में बैठे देखा जा सकता है। वीडियो में कार बिना किसी ड्राइवर के कॉलेज कैंपस में आराम से चलती नजर आती है, जो पूरी तरह घरेलू सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक से संचालित है।
यह वीडियो सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर भार्गव @bvnbhargava ने पोस्ट किया था, जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
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6 साल की मेहनत का नतीजा
यह प्रोटोटाइप 27 अक्तूबर को आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पेश किया गया। इस मौके पर विप्रो के ग्लोबल हेड (ऑटोनॉमस सिस्टम्स और रोबोटिक्स) रामचंद्र बुधीहल, RSST के प्रेसिडेंट एम.पी. श्याम और RVCE के प्रिंसिपल के.एन. सुब्रमण्य मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, यह कार छह साल के रिसर्च और डेवलपमेंट का परिणाम है, जिसे RV कॉलेज की फैकल्टी उत्तरा कुमारी और राजा विद्या की अगुवाई में तैयार किया गया।
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अभी चल रहा है डेवलपमेंट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट अभी डेवलपमेंट के स्टेज में है और आधिकारिक लॉन्च आने वाले महीनों में किया जा सकता है। टीम फिलहाल भारतीय सड़कों की मैपिंग और ट्रैफिक की स्थितियों पर काम कर रही है। ताकि यह कार हर तरह के रोड और मौसम में सुरक्षित और स्मूद चल सके।
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शुरुआत 2019 में हुई थी
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2019 में IISc और विप्रो ने मिलकर की थी। इसका मकसद था ऐसी ड्राइवरलेस कार बनाना जो भारतीय सड़कों पर फिट बैठे, जहां गड्ढे, जानवर और अनियमित ट्रैफिक जैसी चुनौतियां आम हैं।
WIRIN इनिशिएटिव के तहत टीम ऑटोनॉमस सिस्टम्स, रोबोटिक्स, एआई, मशीन लर्निंग, विजुअल कंप्यूटिंग और 5G आधारित V2X (व्हीकल-टू-एवरीथिंग) कम्युनिकेशन पर काम कर रही है।
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एमजी मोटर इंडिया का सहयोग
सितंबर में एमजी मोटर इंडिया ने भी आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के साथ हाथ मिलाया था ताकि छात्रों को इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव इनोवेशन की ट्रेनिंग दी जा सके। एमजी ने ईवी सर्टिफिकेशन प्रोग्राम लॉन्च किया है, जो कॉलेज में बने नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ऑफलाइन कराया जाएगा। कंपनी ने इस कोर्स में महिला उम्मीदवारों के लिए 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा की है ताकि ऑटोमोबाइल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
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