लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग की सांकेतिक तस्वीर।
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यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) द्वारा लखनऊ को कानपुर और अयोध्या से जोड़ने वाले दो हाईवे की जल्द ही मरम्मत की जाएगी। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मौजूदा हाईवे पर 100 मिमी की बिटुमेन की परत बिछाई जाएगी।
यह फैसला इसलिए हुआ है क्योंकि रखरखाव के अभाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे की क्वालिटी खराब हो गई है। वहीं लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर हुए बेतरतीब मरम्मत और पैचिंग कार्य के कारण वाहन चालकों को हिचकोलों का सामना करना पड़ता है। जिससे सड़क की मोटाई असमान हो गई है।
एनएचएआई ने कहा कि दोनों हाईवे पर मरम्मत का काम मानसून शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएआई की लखनऊ परियोजना कार्यान्वयन इकाई के निदेशक सौरभ चौरसिया ने बताया कि एजेंसियों को टेंडर दे दिए गए हैं और ठेकेदारों को दो हफ्ते के भीतर पुनर्निर्माण का काम शुरू करने के लिए कहा गया है।
इस बारे में, एनएचएआई ने कहा कि लखनऊ-कानपुर रूट पर बानी और जाजमऊ गंगा पुल के बीच 47 किलोमीटर लंबे हिस्से के पूरे ओवरहॉल और मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
एनएचएआई ने आगे कहा कि पॉलिटेक्निक से अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग के 120 किलोमीटर लंबे हिस्से के जीर्णोद्धार के लिए कुल 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि वह लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने पर काम कर रहा है। जो ट्रांस-गंगा शहर से जुड़ाव को बढ़ावा देगा।
एनएचएआई ने बाराबंकी-रुपईडिया नेशनल हाईवे को चौड़ा करने के लिए भी शॉर्टलिस्ट कर लिया है।
एनएचएआई ने कहा कि बहराइच और नेपालगंज (नेपाल में) के बीच 160 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण और चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट की जरूरत होगी। जो भारी वाहनों की आवाजाही के लिए प्रमुख मार्ग के रूप में कार्य करेगा।