LML Electric (एलएमएल इलेक्ट्रिक) ने गुरुवार को एलान किया कि उसने Saera Electric Auto के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है और हरियाणा के बावल में इसके प्लांट का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने के लिए करेगी। कानपुर स्थित LML ने भारतीय दोपहिया क्षेत्र में अपनी वापसी की घोषणा की थी और वह बैटरी से चलने वाले स्कूटरों को तेजी से अपनाने में अपनी बड़ी भूमिका निभाने पर विचार कर रही है।
LML Electric के लिए Saera Electric Auto के साथ साझेदारी दो मुख्य मोर्चों पर महत्वपूर्ण है।
सबसे पहले, Saera Electric Auto पहले भारत में Harley Davidson ब्रांड के लिए उत्पादों का निर्माण करती थी। हालांकि बाद में अमेरिका की इस दिग्गज कंपनी ने भारतीय बाजार से अपना बोरिया बिस्तार बांध लिया। दूसरा वजह यह है कि LML Electric का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार प्लांट का निर्माण करना है और पहले से ही मौजूद सायरा की टेक्नोलॉजी और प्रक्रियाओं का अधिकतम फायदा उठाना है।
बावल स्थित प्लांट 2,17,800 वर्ग फुट में फैली हुई है और इसमें हर महीने 18,000 यूनिट्स तैयार करने की क्षमता है।
LML इसके जरिए साल 2025 तक पूरी तरह से 'मेड इन इंडिया' कंपनी बनना चाहता है। एलएमएल के सीईओ योगेश भाटिया ने एक प्रेस बयान में कहा, "हम वाहन निर्माताओं की आयात पर निर्भरता को कम करने और भारत और दुनिया भर में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की तत्काल जरूरत को देख रहे हैं। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी भारत में ईवी विनिर्माण के भविष्य को फिर से परिभाषित करने और वैश्विक विनिर्माण मानकों के अनुरूप देश को लाने के लिए हमारे दृष्टिकोण और कल्पना में एक अहम कदम होगा।"
LML को 1979 में स्थापित किया गया था और इसके उत्पाद लुप्त होने से पहले कई वर्षों तक भारतीय सड़कों पर आसानी से हर जगह देखे जा सकते थे। लेकिन देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के आगमन के साथ, LML अब अपने पुनर्जन्म की ओर देख रहा है।
देश में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का दायरा बहुत बड़ा है, भले ही कई स्थापित और साथ ही नए खिलाड़ी इसे मैदान में उतर आए हैं और प्रतिस्पर्धा को तेज कर दिया है। Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक), Okinawa (ओकिनावा) और Ather Energy (एथर एनर्जी) कुछ महत्वपूर्ण पावर प्लेयर के रूप में उभरे हैं। लेकिन Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) ने भी हाल के दिनों में कुछ बहुत बड़े कदम उठाए हैं।