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लैंबॉर्गिनी ने 11 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे का सपना किया पूरा, मुंबई में दिल छू लेने वाली ड्राइव

Fri, 30 Jan 2026 11:15 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इलाज और अस्पताल की दीवारों के बीच एक 11 साल के बच्चे ने देखा था सुपरकार का सपना। मुंबई में लैंबॉर्गिनी की एक खास ड्राइव ने उस ख्वाहिश को हकीकत में बदल दिया... और कुछ पलों के लिए दर्द की जगह मुस्कान ने ले ली।
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Lamborghini Child - फोटो : X/@cspramesh
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विस्तार
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मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान 11 साल के मुकुंद ने एक छोटी-सी, लेकिन दिल से जुड़ी ख्वाहिश साझा की। मेटास्टेटिक बोन कैंसर से जूझ रहे मुकुंद बस इतना चाहते थे कि एक बार Lamborghini (लैंबॉर्गिनी) में बैठने का अनुभव कर सकें।
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जलगांव से मुंबई तक, एक मासूम सपना
महाराष्ट्र के जलगांव से आए मुकुंद के लिए अस्पताल की जिंदगी इलाज, इंतजार और अनिश्चितता से भरी थी। ऐसे माहौल में उनकी यह इच्छा किसी लग्जरी मांग जैसी नहीं, बल्कि एक बच्चे की कल्पना थी। जो अस्पताल की दीवारों से बाहर की दुनिया को छूना चाहती थी।

 

सोशल मीडिया से लैंबॉर्गिनी तक पहुंची बात
मुकुंद की यह इच्छा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) तक पहुंची। वहां साझा एक पोस्ट में बताया गया कि इम्पैक्ट फाउंडेशन से जुड़े समर्थक अनिरुद्ध करंजेकर ने इस पर पहल करने का फैसला किया।

बिना किसी दिखावे या दबाव के उन्होंने सीधे लैंबॉर्गिनी से संपर्क किया। आमतौर पर बड़ी कंपनियों से जुड़ी औपचारिकताओं के उलट, इस बार जवाब बेहद संवेदनशील और तुरंत मिला।

 

अस्पताल के बाहर खड़ी थी लैंबॉर्गिनी
कुछ ही समय बाद अस्पताल के बाहर एक लैंबॉर्गिनी पहुंची। मुकुंद और उनकी मां को मुंबई की सड़कों पर एक खास ड्राइव के लिए ले जाया गया। कुछ घंटों के लिए अस्पताल की मशीनों की आवाज, सफेद गलियारों और इलाज की चिंता पीछे छूट गई। उनकी जगह शहर की हलचल, खुली सड़कें और एक बच्चे की मुस्कान ने ले ली। उस वक्त मुकुंद एक मरीज नहीं, बल्कि सिर्फ एक बच्चा था, जो अपने सपने को जी रहा था।

शोरूम विजिट ने अनुभव को बनाया और खास
यह अनुभव यहीं खत्म नहीं हुआ। पोस्ट के मुताबिक, बाद में मुकुंद को लैंबॉर्गिनी के शोरूम भी बुलाया गया। वहां टीम ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, कार को नजदीक से दिखाया और उनके सवालों के जवाब दिए।

यह पल मुकुंद के लिए सिर्फ एक ड्राइव नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बन गया।

धोनी से मिलने का सपना अभी अधूरा
X पर एक अलग पोस्ट में, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. परमेश सी एस ने बताया कि बच्चा पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का सपना देखता है। लग्जरी कार की सवारी तो पूरी हो गई थी, लेकिन क्रिकेट के दिग्गज से मिलना अभी बाकी था। डॉ. परमेश ने सोशल मीडिया यूजर्स से मदद की अपील की, और कहा कि धोनी के साथ थोड़ी देर की वर्चुअल बातचीत भी उस छोटे लड़के के लिए बहुत मायने रखेगी।

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सोशल मीडिया पर मिली सराहना
इस भावुक कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल छू लिया। कई यूजर्स ने इस पहल को बेहद प्यारा और इंसानियत से भरा बताया। वहीं, कई लोगों ने लिखा कि इस छोटे-से पल ने मुकुंद के चेहरे पर जो खुशी लाई होगी, वह अनमोल है।

कभी-कभी किसी बच्चे की छोटी-सी इच्छा उसके इलाज से भी ज्यादा सुकून दे सकती है। मुकुंद की कहानी यह दिखाती है कि संवेदनशीलता और समय पर किया गया एक छोटा कदम भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी भर सकता है।

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