पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
शिकायतों और वायरल वीडियो के आधार पर हेन्नूर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन की पहचान की।
- इसके बाद मामला आगे की जांच के लिए येलहंका क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को सौंपा गया
- जांच में पाया गया कि कार 2002 मॉडल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 70,000 रुपये है
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कार में कौन-कौन से अवैध बदलाव पाए गए?
अधिकारियों के अनुसार, कार में किए गए बदलाव मामूली नहीं थे।
- साइलेंसर से छेड़छाड़, जिससे अत्यधिक शोर और चिंगारियां निकल रही थीं
- वाहन की बनावट में ऐसे परिवर्तन, जो मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते हैं
अधिकारियों ने कहा कि ये बदलाव सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा थे।
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जुर्माना इतना ज्यादा क्यों लगाया गया?
मामले को सामान्य ट्रैफिक उल्लंघन मानकर छोड़ने के बजाय अधिकारियों ने कानून के तहत अधिकतम जुर्माना लगाने का फैसला किया।
- छात्र को 1,11,500 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा
- जुर्माना चुकाने के बाद ही वाहन छोड़ा गया
अधिकारियों ने साफ किया कि जुर्माने की राशि जानबूझकर कार की कीमत से भी अधिक रखी गई। ताकि यह दूसरों के लिए सख्त चेतावनी बने और कोई भी अवैध मॉडिफिकेशन करने से पहले दो बार सोचे।
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