यह निर्णय आंशिक रूप से भारतीय टेलीफोन उद्योग (आईटीआई) लिमिटेड, जो कार्ड छापने के लिए जिम्मेदार एजेंसी है, पर 15 करोड़ रुपये बकाया होने के कारण प्रिंटिंग प्रोसेस (मुद्रण प्रक्रिया) में देरी के जवाब में आया है। हालांकि, एमवीडी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बदलाव का मुख्य कारण सेवाओं को सुव्यवस्थित करना, लागत कम करना और यूजर्स के लिए सुविधा बढ़ाना है।
एमवीडी के एक अधिकारी ने कहा, "बकाया के कारण छपाई में देरी एक कारण है। लेकिन जब पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम ज्यादा फायदे देता है, तो छपाई पर इतना खर्च करना गैर-जरूरी है। मुख्य लक्ष्य प्रक्रिया को सभी के लिए तेज और आसान बनाना है।"
डिजिटल डीएल और आरसी सेवाओं में बदलाव दो चरणों में होगा। सबसे पहले, डीएल की छपाई बंद कर दी जाएगी। उसके बाद आरसी कार्ड की छपाई बंद कर दी जाएगी।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 के तहत डीएल और आरसी के लिए डिजिटल वर्जन उपलब्ध होने के बावजूद, केरल छपे हुए कार्ड जारी करना बंद करने वाला मात्र चौथा राज्य बन जाएगा। इससे पहले सिर्फ तीन अन्य राज्यों हैं जिन्होंने पहले ही इस बदलाव को लागू कर दिया है।