Driving License (Representative Image)
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केरल के मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) कार्ड जारी करने पर रोक लगाने और पूरी तरह से डिजिटल संस्करण में बदलाव करने के एक बड़े फैसले का एलान किया है। इस कदम का मकसद सेवाओं का आधुनिकीकरण करना और आवेदकों और विभाग दोनों के लिए उन्हें ज्यादा कुशल बनाना है।
यह निर्णय आंशिक रूप से भारतीय टेलीफोन उद्योग (आईटीआई) लिमिटेड, जो कार्ड छापने के लिए जिम्मेदार एजेंसी है, पर 15 करोड़ रुपये बकाया होने के कारण प्रिंटिंग प्रोसेस (मुद्रण प्रक्रिया) में देरी के जवाब में आया है। हालांकि, एमवीडी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बदलाव का मुख्य कारण सेवाओं को सुव्यवस्थित करना, लागत कम करना और यूजर्स के लिए सुविधा बढ़ाना है।
एमवीडी के एक अधिकारी ने कहा, "बकाया के कारण छपाई में देरी एक कारण है। लेकिन जब पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम ज्यादा फायदे देता है, तो छपाई पर इतना खर्च करना गैर-जरूरी है। मुख्य लक्ष्य प्रक्रिया को सभी के लिए तेज और आसान बनाना है।"
डिजिटल डीएल और आरसी सेवाओं में बदलाव दो चरणों में होगा। सबसे पहले, डीएल की छपाई बंद कर दी जाएगी। उसके बाद आरसी कार्ड की छपाई बंद कर दी जाएगी।
डिजिटल डीएल और आरसी के अहम फायदे
तेजी से जारी होना है: आवेदक अपने डीएल को उसी दिन डाउनलोड कर सकते हैं जिस दिन वे ड्राइविंग टेस्ट पास करते हैं। बजाय इसके कि उन्हें प्रिंटेड कार्ड का इंतजार करना पड़े।
फास्ट वेरिफिकेशन: डिजिटल डीएल को निरीक्षण के दौरान डिजिलॉकर के जरिए दिखाया जा सकता है। जहां अधिकारी लाइसेंस की स्थिति को तुरंत वेरिफाई करने के लिए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं। चाहे वह सक्रिय हो, निलंबित हो या रद्द हो। यह कुछ ऐसा है जो भौतिक कार्ड नहीं कर सकते।
कार्ड खोने का कोई जोखिम नहीं: डिजिटल कार्ड को खोने या क्षतिग्रस्त होने के जोखिम के बिना अधिकारियों के साथ साझा किया जा सकता है।
वैकल्पिक भौतिक प्रति: जो लोग मुद्रित संस्करण पसंद करते हैं, वे अभी भी क्यूआर कोड के साथ एक प्रति डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं। नागरिकों के लिए मुद्रण की सुविधा के लिए एमवीडी अक्षय केंद्रों के साथ बातचीत कर रहा है।
डिजिटल सुविधा: नकद लेन-देन की जगह UPI की तरह, डिजिटल डीएल और आरसी का इस्तेमाल सहज सुविधा प्रदान करेगा जो आखिर एक नॉर्म बन जाएगा।
लागत-प्रभावी और टिकाऊ: इस बदलाव से मुद्रण और अन्य संबंधित खर्चों की लागत कम हो जाएगी। जिससे विभाग सेवा वितरण में सुधार के लिए संसाधनों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 के तहत डीएल और आरसी के लिए डिजिटल वर्जन उपलब्ध होने के बावजूद, केरल छपे हुए कार्ड जारी करना बंद करने वाला मात्र चौथा राज्य बन जाएगा। इससे पहले सिर्फ तीन अन्य राज्यों हैं जिन्होंने पहले ही इस बदलाव को लागू कर दिया है।