केरल सरकार ने चल रही स्मार्ट सिटी परियोजना के हिस्से के रूप में राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के बेड़े में 60 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल की हैं।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने तिरुवनन्तपुरम में एक कार्यक्रम में बेड़े का शुभारंभ किया और उन्हें परिवहन मंत्री एंटनी राजू को सौंप दिया। विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि ऐसी 53 और बसें जल्द ही सौंपी जाएंगी और वाम सरकार अपनी "व्यापक शहरी विकास नीति" को आगे बढ़ाएगी।
विजयन ने अपने पोस्ट में कहा, "वर्तमान में, राज्य की राजधानी में 50 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। नई बसों के साथ, राज्य में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 163 हो जाएगी, जिससे राजधानी एक हरित शहर बन जाएगी।"
मुख्यमंत्री ने राज्य में हाई-स्पीड परिवहन प्रणाली की जरूरत भी दोहराई।
उन्होंने कहा कि राज्य में परिवहन प्रणाली की औसत रफ्तार राष्ट्रीय औसत से 40 प्रतिशत कम है जो एक हाई स्पीड परिवहन प्रणाली की जरूरत को इंगित करती है जो पर्यावरण के अनुकूल भी हो।
विजयन ने कहा, "आजकल स्थिति ऐसी है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए टिकट मिलना मुश्किल है, जिससे पता चलता है कि राज्य में ज्यादा लोग ऐसी हाई-स्पीड परिवहन प्रणाली को पसंद करते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि एक बार जब केएसआरटीसी के तहत बाकी बसें बेड़े में शामिल हो जाएंगी, तो शहर की सेवाएं पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल हो जाएंगी।
स्थानीय स्वशासन विभाग (एलएसजीडी) मंत्री एमबी राजेश ने आज एक फेसबुक पोस्ट में कहा, तिरुवनंतपुरम स्मार्ट सिटी परियोजना की कुल लागत 1,135 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा, ''जिसमें से केंद्र का हिस्सा 500 करोड़ रुपये है, जबकि नगर निगम 135 करोड़ रुपये वहन करता है।'' उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का नया समावेश राज्य की राजधानी को हरा-भरा बनाने के लिए ओणम का उपहार है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने शनिवार को शुभारंभ के बाद इलेक्ट्रिक बस में यात्रा की थी।