पहले और अब टैक्स में क्या अंतर है?
पहले:
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कॉन्ट्रैक्ट वाहन: 3,500 रुपये प्रति सीट
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स्लीपर बस: 4,000 रुपये प्रति सीट
अब:
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कॉन्ट्रैक्ट वाहन: 2,500 रुपये प्रति सीट
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स्लीपर बस: 3,000 रुपये प्रति सीट
यानी प्रति सीट 1,000 रुपये की सीधी राहत दी गई है।
यह बदलाव क्यों जरूरी था?
कर्नाटक में ज्यादा टैक्स होने के कारण कई वाहन मालिक अपने वाहन:
इसके बाद ये वाहन अखिल भारतीय पर्यटन परमिट (ऑल इंडिया टूर परमिट) के तहत कर्नाटक में ही ऑपरेट कर रहे थे।
इससे कर्नाटक को क्या नुकसान हो रहा था?
इस वजह से:
इस फैसले से क्या फायदा होगा?
नई टैक्स दरों से:
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वाहन मालिकों को कर्नाटक में रजिस्ट्रेशन करवाना सस्ता पड़ेगा
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राज्य का राजस्व बढ़ सकता है
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टैक्स चोरी जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगेगी
क्या यह विधेयक तुरंत लागू हो जाएगा?
फिलहाल यह विधेयक विधानसभा से पास हुआ है।
इसे कानून (एक्ट) बनने के लिए आगे की औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
राजस्व में होगा सुधार
कर्नाटक सरकार ने टैक्स कम करके वाहन रजिस्ट्रेशन को आकर्षक बनाने की कोशिश की है।
अगर यह कदम सफल होता है, तो राज्य में रजिस्ट्रेशन बढ़ेगा और राजस्व में सुधार देखने को मिल सकता है।