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Challan: दूसरे राज्यों में बेवजह चालान से राहत, कर्नाटक ने सुलझाई वाहन डेटा की समस्या, क्या है पूरा मामला?

Thu, 02 Apr 2026 06:18 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आप कर्नाटक से बाहर गाड़ी चला रहे हैं? तो अब आपको एक बात की चिंता कम करनी होगी। वाहन डेटा के प्रबंधन के तरीके में हुए बदलाव का असर कर्नाटक के वाहन चालकों पर पड़ने वाला है।
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Traffic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब दूसरे राज्यों में यात्रा करते समय गलत चालान कटने की समस्या काफी हद तक खत्म होने वाली है। यह बदलाव वाहन डेटा के डिजिटल सिस्टम से जुड़ा है, जिसे लंबे समय से सुधार की जरूरत थी।

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आखिर समस्या क्या थी?
कई वाहन मालिकों के पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) (पीयूसीसी) होने के बावजूद उन्हें जुर्माना भरना पड़ता था।

असल दिक्कत दस्तावेज में नहीं, बल्कि डेटा की उपलब्धता में थी।

  • कर्नाटक के वाहनों का डेटा केंद्र सरकार के VAHAN पोर्टल पर अपडेट नहीं था

  • दूसरे राज्यों की ट्रैफिक पुलिस इसी पोर्टल से जानकारी जांचती है

  • डेटा न दिखने पर वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाया जाता था

 

किन राज्यों में ज्यादा दिक्कत हुई?
यह समस्या खासतौर पर इन राज्यों में सामने आई:

  • महाराष्ट्र

  • गोवा

  • केरल

  • तमिलनाडु

कई मामलों में वैध दस्तावेज होने के बावजूद 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।

अब क्या बदला है?
कर्नाटक सरकार ने इस समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

1 अप्रैल 2026 से:

  • PUCC डेटा को सीधे Vahan पोर्टल से जोड़ दिया गया है

  • अब यह जानकारी पूरे देश में एक्सेस की जा सकेगी

पुराने रिकॉर्ड्स भी धीरे-धीरे सिस्टम पर अपलोड किए जाएंगे, जबकि नए सर्टिफिकेट तुरंत अपडेट होंगे।

इससे वाहन मालिकों को क्या फायदा होगा?
इस बदलाव के बाद यात्रियों को कई तरह की राहत मिलेगी:

  • दूसरे राज्यों में गलत चालान की संभावना कम होगी

  • दस्तावेज दिखाने की झंझट कम होगी

  • वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज और आसान होगी

अब ट्रैफिक पुलिस को सारी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगी।

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क्या डिजिटल एक्सेस भी आसान होगा?
हां, अब वाहन मालिक अपने दस्तावेज डिजिटल रूप में भी देख सकेंगे:

  • mParivahan (एमपरिवहन)

  • DigiLocker (डिजीलॉकर)

इन एप के जरिए आप कभी भी अपने दस्तावेज को देख सकते हैं (एक्सेस कर सकते हैं)। जिससे फिजिकल कॉपी रखने की जरूरत कम हो जाएगी।


कुल मिलाकर क्या समझें?
कर्नाटक सरकार का यह कदम छोटा जरूर है, लेकिन इसका असर बड़ा है। अब राज्य के वाहन मालिकों को दूसरे राज्यों में बेवजह चालान और विवाद से राहत मिलेगी।
यह बदलाव डिजिटल सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ-साथ यात्रा को ज्यादा आसान और परेशानी-मुक्त बनाएगा।

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