फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Report: भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टू-व्हीलर का क्रेज बरकरार; 63% भारतीयों ने कहा, अगले 5 साल में लेंगे EV

Sat, 28 Mar 2026 12:00 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Public Transport India Usage: भारत में मोबिलिटी पैटर्न तेजी से बदल रहे हैं, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट अब भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। एक रिपोर्ट के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में रोजमर्रा की यात्रा के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किया जाता है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Electric Vehicles India Growth: इप्सोस मोबिलिटी रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत में 24 प्रतिशत लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हैं। इसमें कारों और टैक्सियों की हिस्सेदारी महज 7-7 प्रतिशत है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति जबरदस्त उत्साह देखा गया है, जहां 63% उत्तरदाताओं ने अगले 5 वर्षों में ईवी अपनाने की इच्छा जताई है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि 47% भारतीय अब सेल्फ-ड्राइविंग कारों में खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
विज्ञापन


Ipsos Mobility के एक्सपर्ट्स के अनुसार, मेट्रो रेल और बसों का मजबूत नेटवर्क शहरी मोबिलिटी को सपोर्ट कर रहा है। 66% भारतीयों ने सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित माना है। दिलचस्प बात यह है कि सिंगापुर (80%) की तुलना में भारत में 64% लोगों के पास ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक सीधी पहुंच है, फिर भी इसका दबदबा कायम है।
विज्ञापन


कारों का आकर्षण और ईवी में बढ़ती रुचि
भले ही वर्तमान में केवल 7.5-8% परिवारों के पास कारें हैं, लेकिन 46% भारतीय अभी भी कार रखना एक स्टेटस सिंबल और जरूरत मानते हैं। 
  • ईवी का क्रेज: 40 प्रतिशत भारतीयों को इलेक्ट्रिक वाहन बेहद आकर्षक लगते हैं।
  • सरकारी लक्ष्य: वर्तमान में 8.36% ईवी पेनेट्रेशन है, जिसे सरकार 2030 तक 30% तक ले जाना चाहती है।
  • मांग: 56% लोगों ने सरकार से ईवी अपनाने की प्रक्रिया को और तेज करने की मांग की है।

टेक्नोलॉजी और सुरक्षा
  • स्वचालित कारें: करीब आधे भारतीय (47%) अब एआई-संचालित या सेल्फ-ड्राइविंग कारों में सवारी करने को तैयार हैं।
  • डेटा प्राइवेसी: जैसे-जैसे वाहन कनेक्टेड हो रहे हैं, वैसे ही डाटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। उपभोक्ताओं का मानना है कि सरकार को वाहन डाटा सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाने चाहिए। इसी के साथ 62 प्रतिशत खरीददार ऐसे हैं, जिन्हें बस बेहतर तकनीक चाहिए, इसके बजाय कि ब्रांड पारंपरिक है या नई टेक्नोलॉजी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें