भारतीय ईवी स्टार्टअप Vazirani Automotive (वजीरानी ऑटोमोटिव) ने देश की सबसे तेज सिंगल-सीटर हाइपरकार Ekonk (एकॉन्क) को पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया में सबसे तेज रफ्तार पकड़ने वाली कारों में से एक है। अपने लुक और डिजाइन में स्पेसशिप की तरह दिखने वाली यह ऑल-इलेक्ट्रिक कार सबसे हल्की इलेक्ट्रिक हाइपरकार है। इसका वजन कुल मिलाकर 738 किलोग्राम है।
एकॉन्क इलेक्ट्रिक हाइपरकार में ईवी स्टार्टअप के नए इनोवेटिव बैटरी सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक कॉम्प्लेक्स लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी को रिप्लेस करती है। यह DiCo नाम की एक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है जो बैटरियों को सीधे हवा से ठंडा करने में सक्षम बनाता है। इसमें लिक्विड कूलिंग की जरूरत नहीं पड़ती। वजीरानी का दावा है कि यह टेक्नोलॉजी उसकी इस इलेक्ट्रिक कार को हल्का, तेज, सुरक्षित और किफायती बनाने के साथ-साथ इसकी रेंज को भी बढ़ाती है।
इसलिए कवर किए पिछले पहिये
हाइपरकार की बॉडी को पूरी तरह से कार्बन फाइबर से बनाया गया है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इसे अपनी तरह के अनूठे वाहन के लिए सबसे कम ड्रैग कोएफिशिएंट्स वाली सबसे एयरोडायनमिक फ्ल्यूड कारों में से एक के रूप में डिजाइन किया गया है। यही कारण है कि इसके पिछले पहियों को कवर किया गया है।
पावर और टॉप स्पीड
Ekonk हाइपरकार का इंजन 722 hp का पावर जेनरेट करता है। जिससे यह लगभग पावर टू वेट रेशियो में बराबरी हासिल करती है। वजीरानी द्वारा एंड-टू-एंड बनाई गई इलेक्ट्रिक हाइपरकार का इंदौर के पास हाल ही में उद्घाटन किए गए Naxtrax हाई-स्पीड व्हीकल टेस्टिंग सेंटर में भी परीक्षण किया गया है। इसने 309 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड हासिल की। यह कार 2.54 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है।
एकॉन्क से मिले डेटा और टेक्निकल सीख को कंपनी Shul के प्रोडक्शन वर्जन में इस्तेमाल करेगी। यह भारत की पहली हाइपरकार कॉन्सेप्ट है, जिसे यूके में गुडवुड फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था। वजीरानी बाद में ग्राहकों को खरीदने के लिए एकॉन्क की एक लिमिटेड सीरीज का उत्पादन कर सकती है।
'Ekonk' का मतलब
भारतीय शास्त्रों में 'Ekonk' शब्द का अर्थ है 'दिव्य प्रकाश की शुरुआत'। वाहन निर्माता के लिए यह इलेक्ट्रिक व्हीकल एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है। वजीरानी-ऑटोमोटिव के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंकी वजीरानी ने कहा, "इलेक्ट्रिक वाहनों के आने के साथ, दुनिया भर की कंपनियों को एक खाली कैनवास से शुरुआत करनी होगी। भारत के लिए इस ईवी युग को नया करने, विकसित करने और अग्रणी बनाने का यह सही समय है।"