भारत में सड़क सुरक्षा की तस्वीर 2019 तक पूरी तरह बदलने जा रही है। मार्च 2019 से हर कार निर्माता कंपनी को अपनी कार में फ्रंट एयरबैग्स, स्पीड वार्निंग और रिवर्स पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स देने अनिवार्य रुप से देने होंगे। ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑटोमोटिव इंडस्ट्रीज स्टैंडर्ड (AIS) 145 इन नियमों को अनिवार्य करने जा रही है।
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भारत सरकार यह कदम सड़क दुर्घटना और मरने वालों की संख्या को कम करने के लिए उठा सकती है। इन सेफ्टी फीचर्स के जरिए दुर्घटना के दौरान यात्री की मौत हो जाने की संभावना कम हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य 2020 तक भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को 50 फीसदी तक कम करने का है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में सड़के दुर्घटना के कारण हर 4 मिनट में एक व्यक्ति की मौत होती है।
किस फीचर का होगा क्या फायदा
सरकार का लक्ष्य 2020 तक भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को 50 फीसदी तक कम करने का है।
फ्रंट एयरबैग के जरिए दुर्घटना होने पर आगे बैठे यात्री डैशबोर्ड से नहीं टकराएंगे।
स्पीड वार्निंग के जरिए 80 किमी/घंटा की रफ्तार से ज्यादा होते ही ड्राइवर को चेतावनी दी जाएगी।
रिवर्स पार्किंग असिस्ट के जरिए ड्राइवर को पार्किंग या कार को पीछे करते समय सुविधा होगी।
कीमत पर क्या होगा असर
रिवर्स पार्किंग असिस्ट के जरिए ड्राइवर को पार्किंग या कार को पीछे करते समय सुविधा होगी।
इस तरह के एडिशनल फीचर्स के कारण कार की कीमतों में 10 फीसदी का इजाफा हो सकता है। हालांकि बता दें कि वर्तमान में कई कारों में पहले से ही ये फीचर्स दिए जा रहे हैं। रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्ट्री के मुताबिक भारत में भी कारों को ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से सेफ्टी फीचर्स देने चाहिए। भारत सरकार जल्द ही 'भारत NCAP (न्यू कार एसेसमेंट प्रोग्राम)' भी लाने जा रही है।